गौतम बुद्ध नगर में 21 अगस्त को गुरु द्रोणाचार्य मेला के चलते सभी स्कूल रहेंगे बंद
UP उत्तर प्रदेश : जिला प्रशासन ने 21 अगस्त को जिले के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। यह निर्णय गुरु द्रोणाचार्य मेला के दौरान भारी भीड़ और ट्रैफिक के मद्देनजर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। यह आदेश सरकारी और निजी स्कूलों दोनों पर लागू होगा। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आसपास के क्षेत्रों से शामिल होने आएंगे, जिससे सड़कों पर जाम और यातायात बाधित होने की संभावना है।गुरु द्रोणाचार्य मेला प्रत्येक वर्ष दानकौर स्थित गुरु द्रोणाचार्य मंदिर में आयोजित किया जाता है। यह मेला महाभारत के पांडव और कौरवों के महान शिक्षक गुरु द्रोणाचार्य को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया जाता है। इस दौरान श्रद्धालु पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।
जिला प्रशासन ने स्कूलों को बंद रखने के साथ-साथ मेले में आने वाले भीड़ और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। प्रशासन ने वाहन चालकों और यात्रियों से धैर्य रखने और निर्धारित मार्गों का पालन करने का अनुरोध किया है। गौरतलब है कि गौतम बुद्ध नगर में पहले भी 23 जुलाई को कांवड़ यात्रा के कारण स्कूल बंद किए गए थे। जिले में बड़े आयोजनों और मेलों के दौरान छात्र सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है। मौसम के कारण हाल के दिनों में कई राज्यों में छुट्टियां घोषित की गई हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति के चलते स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। प्रशासन ने माता-पिता और छात्रों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मेलों और धार्मिक आयोजनों के समय भीड़ और ट्रैफिक प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण होता है। जिला प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि इस मेले में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत हो और छात्रों को किसी भी प्रकार का खतरा न हो। इस दौरान स्कूलों की छुट्टी के कारण छात्रों और शिक्षकों को अग्रिम योजना बनाने की सलाह दी गई है। अभिभावकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें और मेले के आसपास किसी भी तरह की जोखिम वाली गतिविधियों से दूर रहें। गौतम बुद्ध नगर जिले में यह मेला न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में सामाजिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा देता है। प्रशासन का उद्देश्य छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए परंपरागत उत्सवों और मेलों को सुरक्षित रूप से आयोजित करना है।