श्रीगंगानगर। राजस्थान में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सुरक्षा एजेंसियों ने हथियारों और संदिग्ध विस्फोटक सामग्री की बड़ी खेप बरामद की है। श्रीगंगानगर जिले के रावला मंडी क्षेत्र में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक सामग्री गिराए जाने का मामला सामने आया है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो विदेशी निर्मित जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन, बड़ी संख्या में कारतूस और संदिग्ध विस्फोटक सामग्री जब्त की गई है। मामले में पंजाब के दो युवकों को पकड़ा गया है।
शुरुआती जानकारी में 7.750 किलोग्राम विस्फोटक और करीब 867 कारतूस बरामद होने का दावा सामने आया था। हालांकि, मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित कई रिपोर्टों में लगभग सात किलोग्राम संदिग्ध विस्फोटक और करीब 650 कारतूस मिलने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों ने विस्फोटक की सटीक मात्रा और उसकी प्रकृति की अंतिम पुष्टि नहीं की है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं।
सोमवार रात पाकिस्तान की ओर से आया ड्रोन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार, 12 अक्टूबर की रात भारत-पाकिस्तान सीमा के पास संदिग्ध ड्रोन गतिविधि की सूचना मिली थी।बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की दिशा से आए ड्रोन ने सीमावर्ती क्षेत्र में कुछ पैकेट गिराए।इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को संदिग्ध सामग्री की जानकारी मिली और इलाके में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया।रिपोर्ट के अनुसार, रात करीब दस बजे सीमा के पास स्थित एक खेत और नहर के आसपास तीन संदिग्ध पैकेट गिराए जाने की सूचना मिली थी।इन पैकेटों में हथियार, कारतूस और विस्फोटक सामग्री होने की बात सामने आई।हालांकि, ड्रोन के संचालन और खेप भेजने वाले व्यक्तियों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
रावला मंडी के सीमावर्ती इलाके में कार्रवाई
यह कार्रवाई श्रीगंगानगर जिले के रावला मंडी क्षेत्र की ग्राम पंचायत 12 केएनडी के अंतर्गत की गई।सुरक्षा एजेंसियों ने चक 4 केएनएम डब्ल्यू टेल के आसपास तलाशी अभियान चलाया।इस दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक संदिग्ध पैकेट बरामद किए गए।इलाका सीमावर्ती होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है।बरामद सामग्री की मात्रा और हथियारों की प्रकृति को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया गया है।दो जिगाना पिस्टल और कारतूस बरामदसुरक्षा एजेंसियों को तलाशी के दौरान विदेशी निर्मित दो जिगाना पिस्टल मिली हैं।
इसके अलावा चार मैगजीन और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद हुए हैं।मंगलवार की कई रिपोर्टों में लगभग 650 कारतूस मिलने की जानकारी दी गई है, जबकि शुरुआती विवरण में 867 कारतूस बताए गए थे।ऐसे में बरामद कारतूसों की अंतिम संख्या आधिकारिक सूची से ही स्पष्ट होगी।जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हथियार किसके लिए भेजे गए थे और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
विस्फोटक सामग्री के साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले
बरामद सामान में संदिग्ध विस्फोटक सामग्री के अलावा चार जोड़ी बैटरियां और दो रिमोट कंट्रोल उपकरण भी शामिल बताए गए हैं।कुछ रिपोर्टों में एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी आईईडी मिलने की जानकारी भी सामने आई है।संदिग्ध विस्फोटक सामग्री को आरडीएक्स बताया जा रहा है, लेकिन उसकी रासायनिक संरचना और वास्तविक मात्रा की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण किए जाने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद सामग्री में कौन-कौन से विस्फोटक पदार्थ मौजूद हैं।
इस संबंध में सुरक्षा एजेंसियां वैज्ञानिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगी।पंजाब के दो युवक पकड़े गएहथियारों और विस्फोटक सामग्री की बरामदगी के मामले में सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब के दो युवकों को पकड़ा है।जानकारी के अनुसार, दोनों युवक पंजाब के जालंधर और फिरोजपुर जिलों से संबंधित बताए जा रहे हैं।
जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर रही हैं।
प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दोनों का बरामद खेप से क्या संबंध है और क्या वे इसे लेने के लिए सीमावर्ती क्षेत्र में पहुंचे थे।हालांकि, दोनों की कथित भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाएगा।
बीएसएफ, एएनटीएफ और पुलिस का संयुक्त अभियानइस कार्रवाई में सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और स्थानीय पुलिस की टीमें शामिल रहीं।संयुक्त अभियान के दौरान संदिग्ध पैकेटों की तलाश की गई और बरामद सामग्री को सुरक्षित किया गया।रिपोर्ट के अनुसार, अभियान को 'सीमांतक' नाम दिया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती इलाके में निगरानी बढ़ाई है और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी रखा है।अधिकारियों का प्रयास यह पता लगाना है कि कहीं इसी तरह की कोई अन्य खेप तो नहीं गिराई गई थी।हथियारों की खेप किसके लिए भेजी गई?सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि पाकिस्तान की ओर से कथित तौर पर गिराई गई यह खेप भारत में किस व्यक्ति या समूह तक पहुंचाई जानी थी।
दो पिस्टल, बड़ी संख्या में कारतूस और संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने से मामले की गंभीरता बढ़ गई है।अधिकारियों को आशंका है कि इस खेप का संबंध सीमा पार सक्रिय किसी आपराधिक या आतंकी नेटवर्क से हो सकता है।हालांकि, अभी किसी विशेष संगठन या व्यक्ति का नाम आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है।इसलिए मामले को किसी निश्चित आतंकी संगठन की साजिश बताना जल्दबाजी होगी।
ड्रोन से तस्करी बड़ी सुरक्षा चुनौती
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन के माध्यम से संदिग्ध सामान पहुंचाने की घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।ड्रोन तकनीक का गलत इस्तेमाल कर सीमावर्ती इलाकों में हथियार, नशीले पदार्थ और अन्य प्रतिबंधित सामग्री गिराने के मामले पहले भी सामने आए हैं।इस प्रकार की गतिविधियों को रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल और अन्य एजेंसियां निगरानी तथा खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करती हैं।
श्रीगंगानगर की घटना में भी संदिग्ध ड्रोन गतिविधि की सूचना के बाद तलाशी अभियान चलाया गया।अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच शुरूराजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद होने की जानकारी दी है।उन्होंने कहा कि ड्रोन के माध्यम से यह सामान राजस्थान में गिराया गया था।
जांच एजेंसियां खेप भेजने वालों, इसे प्राप्त करने वाले व्यक्तियों और इसके संभावित इस्तेमाल के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।इसके अलावा गिरफ्तार किए गए युवकों के संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इसके पीछे कोई संगठित सीमा पार नेटवर्क सक्रिय था या नहीं।
सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ाई गई सतर्कता
हथियारों और संदिग्ध विस्फोटकों की बरामदगी के बाद सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।सुरक्षा एजेंसियां आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चला रही हैं।सीमा पार से कथित तौर पर ड्रोन के जरिए भेजी गई खेप की जानकारी सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
अधिकारियों का ध्यान बरामद सामग्री की वास्तविक प्रकृति, उसके स्रोत और संभावित प्राप्तकर्ताओं की पहचान करने पर है।जांच से सामने आएगी पूरी सच्चाईश्रीगंगानगर जिले के रावला मंडी क्षेत्र में हथियारों और विस्फोटक सामग्री की बरामदगी को सीमा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है।
पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के माध्यम से संदिग्ध सामग्री गिराए जाने की जानकारी सामने आई है। संयुक्त कार्रवाई में दो पिस्टल, चार मैगजीन, कारतूस और संदिग्ध विस्फोटक जब्त किए गए हैं।मामले में पंजाब के दो युवकों को पकड़ा गया है और उनसे पूछताछ जारी है।
अब सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी खेप किसने भेजी, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इसके पीछे क्या उद्देश्य था।फिलहाल बरामद विस्फोटक की सही मात्रा, कारतूसों की अंतिम संख्या और पूरी साजिश के संबंध में आधिकारिक जांच जारी है।