भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेडिकल इंटर्न छात्रों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। MBBS इंटर्न अपनी स्टाइपेंड राशि बढ़ाने की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि वर्तमान में मिल रहे 14,337 रुपये स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति माह किया जाए।

मेडिकल छात्रों के प्रदर्शन के कारण शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। बड़ी संख्या में छात्रों के सड़क पर बैठने से VIP रोड पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। प्रदर्शनकारियों ने रेतघाट स्क्वायर से दरगाह तक करीब एक किलोमीटर लंबे हिस्से को रोक दिया, जिससे इस मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई।

जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेजों में MBBS इंटर्नशिप कर रहे अंतिम वर्ष के छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान वे अस्पतालों में मरीजों की सेवा, आपातकालीन ड्यूटी और अन्य चिकित्सा कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन इसके बदले मिलने वाला स्टाइपेंड काफी कम है।

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और मेडिकल इंटर्न की जिम्मेदारियों को देखते हुए मौजूदा स्टाइपेंड पर्याप्त नहीं है। उनका तर्क है कि देश के कई अन्य राज्यों में मेडिकल इंटर्न को इससे अधिक राशि दी जा रही है, इसलिए मध्य प्रदेश में भी स्टाइपेंड बढ़ाया जाना चाहिए।

विरोध प्रदर्शन के दौरान कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। इन वीडियो में MBBS इंटर्न छात्र सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करते हुए दिखाई दे रहे हैं। छात्र नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ वीडियो में पुलिसकर्मी बैरिकेड्स के साथ मौके पर मौजूद नजर आ रहे हैं और यातायात व्यवस्था संभालने का प्रयास करते दिख रहे हैं।

प्रदर्शन के चलते VIP रोड पर यातायात का दबाव बढ़ गया। सड़क का केवल एक हिस्सा ही वाहनों के लिए खुला रखा गया, जिसके कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा।

पुलिस प्रशासन की ओर से मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। पुलिसकर्मी प्रदर्शन स्थल पर तैनात किए गए हैं और यातायात को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों की कोशिश है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चले और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।

मेडिकल इंटर्न छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांग सरकार के सामने रख रहे हैं। उनका आरोप है कि कई बार ज्ञापन देने के बावजूद अब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया। इसी कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

छात्रों का कहना है कि मेडिकल इंटर्नशिप केवल प्रशिक्षण नहीं बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इंटर्न अस्पतालों में मरीजों की देखभाल से लेकर विभिन्न चिकित्सा कार्यों में योगदान देते हैं। ऐसे में उन्हें मिलने वाला आर्थिक सहयोग उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों के अनुरूप होना चाहिए।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रह सकता है।

वहीं, सरकार की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। मेडिकल छात्रों की मांग को लेकर स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों के स्तर पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

भोपाल में मेडिकल इंटर्न का यह प्रदर्शन एक बार फिर राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं की मांगों को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। अब देखना होगा कि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से इस विवाद का समाधान कब तक निकलता है। फिलहाल छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर डटे हुए हैं और प्रशासन यातायात व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने में जुटा है।

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