भोपाल: मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब से मौतों का आंकड़ा बढ़कर 28 पहुंचने के बाद भी शराब दुकानों को खोलने के आदेश ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्ष और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे संवेदनहीन बताया है। वहीं सरकार की ओर से मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई का दावा किया जा रहा है। सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ी थी। कुछ ही समय में बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कई लोगों की मौत हो गई। जांच में शराब में जहरीले पदार्थ की मिलावट की आशंका जताई गई है।

मौतों के बाद भी दुकानें खोलने पर विवाद
घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। इसी बीच शराब दुकानों को खोलने के आदेश की खबर सामने आने के बाद लोगों ने सवाल उठाए कि इतनी बड़ी त्रासदी के बाद भी शराब बिक्री जारी रखना कितना उचित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब प्रशासन अवैध शराब के नेटवर्क को खत्म करने और जांच की बात कर रहा है, तो ऐसे समय में शराब दुकानों के संचालन को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।
प्रशासन ने शुरू की जांच
सागर शराब कांड को लेकर प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि जहरीली शराब कहां से आई, इसे किसने बनाया और सप्लाई नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था। वहीं आबकारी विभाग के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। कुछ अधिकारियों को निलंबित करने की जानकारी सामने आई है।
नकली शराब नेटवर्क पर शक
जांच में यह भी सामने आया है कि मामले में नकली शराब नेटवर्क की भूमिका हो सकती है। अधिकारियों ने संदिग्ध शराब दुकानों और सप्लाई चैन की जांच शुरू कर दी है। कुछ स्थानों पर कार्रवाई करते हुए स्टॉक की जांच और जब्ती की गई है। प्रशासन का कहना है कि अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
मामले को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के कारण इतनी बड़ी घटना हुई। उन्होंने शराब नीति और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। वहीं सरकार का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और अवैध शराब कारोबार पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
सागर शराब कांड ने कई परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। कई घरों में एक साथ मौतें हुई हैं। पीड़ित परिवार अब प्रशासन से न्याय और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह घटना एक बार फिर अवैध शराब के खतरे और प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है। अब नजर इस बात पर है कि जांच में कौन-कौन जिम्मेदार पाए जाते हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
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