भोपाल। मध्य प्रदेश के ओबैदुल्लागंज टोल बैरियर रोड इलाके में रविवार रात एक वयस्क बाघ दिखाई देने के बाद आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। सड़क से गुजर रहे चार पहिया वाहन चालकों ने बाघ का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद वन विभाग हरकत में आया।

बाघ की मौजूदगी की सूचना मिलते ही सोमवार को वन अधिकारियों ने बड़े स्तर पर खोज अभियान शुरू किया। बाघ की तलाश के लिए ड्रोन कैमरे और डॉग स्क्वॉड की मदद ली जा रही है। हालांकि, सोमवार देर शाम तक वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने या उसका सटीक स्थान पता लगाने में सफल नहीं हो सकी।

टोल बैरियर के पास दिखा वयस्क बाघ

जानकारी के अनुसार, रविवार रात ओबैदुल्लागंज टोल बैरियर रोड के पास वाहन चालकों ने सड़क किनारे एक वयस्क बाघ को घूमते हुए देखा। अचानक बाघ नजर आने से वहां मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया।

कुछ वाहन चालकों ने सावधानी बरतते हुए अपने मोबाइल फोन से बाघ का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई।

वन अधिकारियों का कहना है कि बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

रातापानी टाइगर रिजर्व से आने की आशंका

वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक, इस बाघ के रातापानी टाइगर रिजर्व क्षेत्र से आने की संभावना जताई जा रही है। जंगल से जुड़े इलाकों में बाघों का मूवमेंट सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन आबादी और सड़क क्षेत्रों के करीब पहुंचने से सुरक्षा चुनौती बढ़ जाती है।

अधिकारियों का कहना है कि बाघ संभवत: भोजन या क्षेत्र विस्तार के कारण इस इलाके में पहुंचा हो सकता है। फिलहाल उसके व्यवहार और दिशा का पता लगाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

पैरों के निशान मिले, लोकेशन का पता लगाने की कोशिश

वन विभाग की टीम को बाघ के पैरों के निशान मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार, अब तक बाघ की मौजूदगी की पुष्टि इन्हीं निशानों के आधार पर की गई है।

पैरों के आखिरी निशान से संकेत मिला है कि बाघ एक औद्योगिक क्षेत्र की ओर बढ़ा है। इसके बाद वन विभाग ने उस दिशा में तलाशी अभियान तेज कर दिया है।

अधिकारियों की कई टीमें क्षेत्र में तैनात हैं और आसपास के इलाकों में लगातार जांच की जा रही है।

ड्रोन और डॉग स्क्वॉड से सर्च ऑपरेशन

बाघ की तलाश के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। वन विभाग ने ड्रोन कैमरों की मदद से जंगल और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी शुरू की है।

इसके अलावा प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड को भी अभियान में लगाया गया है, ताकि बाघ के मूवमेंट का पता लगाया जा सके।

वन अधिकारी सुबह से शाम तक अलग-अलग क्षेत्रों में तलाश करते रहे, लेकिन सोमवार देर शाम तक बाघ की स्पष्ट लोकेशन नहीं मिल सकी।

ग्रामीणों में डर का माहौल

बाघ के आबादी वाले इलाके के करीब दिखाई देने से आसपास के गांवों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अकेले जंगल या सुनसान इलाकों में न जाएं और बाघ दिखाई देने पर तुरंत सूचना दें। अधिकारियों ने लोगों से वीडियो बनाने या बाघ के करीब जाने से बचने को कहा है।

सुरक्षा के लिए बढ़ाई गई निगरानी

वन विभाग की टीम इलाके में लगातार गश्त कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि बाघ को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से ट्रैक करना प्राथमिकता है।

जरूरत पड़ने पर उसे रेस्क्यू करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। हालांकि, फिलहाल विभाग का पूरा ध्यान बाघ की गतिविधियों का पता लगाने पर है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

वन अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बाघ एक जंगली जीव है और उसे परेशान करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

अधिकारियों ने बताया कि बाघ की मौजूदगी से घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है।

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