पीएम मोदी से मिले मुख्यमंत्री मोहन यादव, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के लिए दिया न्योता
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, निवेश की स्थिति, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 में मध्य प्रदेश में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित भी किया।
मध्य प्रदेश सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि अगला ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में भोपाल में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जून में भी कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस आयोजन के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
गुरुवार की मुलाकात में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को मध्य प्रदेश में निवेश को लेकर तैयार किए जा रहे अनुकूल वातावरण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए सुविधाएं बढ़ाने और निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। सरकार का फोकस नए उद्योग स्थापित करने के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है।
मध्य प्रदेश सरकार पिछले कुछ महीनों से ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के लिए देश और विदेश में निवेशकों से संपर्क बढ़ा रही है। सितंबर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुबई में भी निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उन्हें मध्य प्रदेश में निवेश और GIS-2027 में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया था।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य में निवेश से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों की प्रगति के बारे में बताया। इनमें उद्योग, आधारभूत संरचना, रोजगार और परिवहन व्यवस्था से जुड़े विषय शामिल रहे।
प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले फरवरी 2025 में भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन कर चुके हैं। उस आयोजन में 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में उद्योग जगत से जुड़े लोगों ने भाग लिया था।
इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए मध्य प्रदेश सरकार अब 2027 के समिट को और व्यापक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी कर रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की जानकारी भी साझा की। यह सेवा हाल ही में प्रदेश में शुरू की गई है और इसका उद्देश्य सार्वजनिक यात्री परिवहन को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुलभ बनाना है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 25 सितंबर को भोपाल में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ और ‘पीएम ई-बस सेवा’ के तहत बस सेवाओं का शुभारंभ किया था।
इस सेवा की शुरुआत के साथ प्रदेश में लंबे अंतराल के बाद संगठित सार्वजनिक बस नेटवर्क को नए स्वरूप में आगे बढ़ाया गया है। प्रारंभिक चरण में इंटरसिटी और शहर के भीतर चलने वाली बसों को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि नई परिवहन व्यवस्था से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर करने की योजना है।
सरकार का उद्देश्य आने वाले वर्षों में प्रदेश के अधिक से अधिक गांवों को सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है।
नई बस सेवा में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है। जीपीएस, सीसीटीवी और अन्य सुरक्षा सुविधाओं के साथ बसों के संचालन की व्यवस्था तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के बीच मध्य प्रदेश में चल रही विकास परियोजनाओं को लेकर भी बातचीत हुई।
डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों की प्रगति और अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की जानकारी साझा की।
मुख्यमंत्री ने निवेश और रोजगार के मुद्दे को विशेष प्राथमिकता दी। उनका कहना है कि उद्योगों के विस्तार से प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले दो वर्षों में औद्योगिक नीतियों और निवेश से जुड़े नियमों में कई बदलाव किए हैं। सरकार का दावा है कि इन सुधारों का उद्देश्य निवेश प्रक्रिया को आसान बनाना और उद्योगों को तेजी से मंजूरी देना है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 को भी इसी रणनीति का बड़ा हिस्सा माना जा रहा है।
राज्य सरकार इसके लिए देश और विदेश के निवेशकों, कारोबारी समूहों और विभिन्न संस्थाओं से संपर्क कर रही है।
दुबई यात्रा के दौरान भी मुख्यमंत्री ने खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मा, मेडिकल उपकरण, लॉजिस्टिक्स और शहरी आधारभूत संरचना जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बताई थीं।
अब प्रधानमंत्री मोदी को औपचारिक रूप से आमंत्रित किए जाने से आयोजन की तैयारियों को और गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के सामने मध्य प्रदेश की प्रगति और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।
बैठक में जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने से जुड़े कामों पर भी चर्चा हुई।
राज्य सरकार का फोकस सड़क, परिवहन, उद्योग और रोजगार को आपस में जोड़कर विकास का ढांचा तैयार करने पर है।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नई बस व्यवस्था से उद्योग, शिक्षा, रोजगार और पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों तक लोगों की पहुंच बेहतर करने का लक्ष्य रखा गया है।
मध्य प्रदेश सरकार का मानना है कि बेहतर परिवहन व्यवस्था निवेश के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार करती है।
उद्योगों को सड़क और सार्वजनिक परिवहन से बेहतर संपर्क मिलने से कर्मचारियों और कारोबार दोनों को सुविधा होती है।
प्रधानमंत्री मोदी से हुई मुलाकात में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के आगामी विकास कार्यक्रमों और योजनाओं को लेकर उनका मार्गदर्शन भी प्राप्त किया।
डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य सरकार निवेश आकर्षित करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता दे रही है।
सरकार का लक्ष्य केवल बड़े निवेश समझौते करना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर वास्तविक उद्योग स्थापित करना है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के बाद भी मध्य प्रदेश में कई निवेश परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का दावा राज्य सरकार ने किया है।
अब 2027 के आयोजन के जरिए सरकार निवेश अभियान का अगला चरण शुरू करने की तैयारी में है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को प्रदेश आने का आमंत्रण देते हुए उम्मीद जताई कि उनके मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश विकास और निवेश के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।
नई दिल्ली में हुई यह मुलाकात मध्य प्रदेश के विकास एजेंडे, निवेश रणनीति और आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण रही।
फिलहाल राज्य सरकार GIS-2027 को बड़े अंतरराष्ट्रीय निवेश मंच के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिए गए निमंत्रण के बाद अब इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक और औद्योगिक स्तर पर तैयारियां और तेज होने की संभावना है।