Madhya Pradesh मध्य प्रदेश। इंटर्न डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन के बीच भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा मंगलवार को प्रदर्शन स्थल पहुंचे और डॉक्टरों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि छात्रों का शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और प्रशासन उनकी बातों को समझने का प्रयास कर रहा है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि लंबे समय से चल रहे इस प्रदर्शन के दौरान यह अच्छी बात है कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के बावजूद यातायात व्यवस्था भी सामान्य रूप से चल रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के साथ इंटर्न डॉक्टरों की मांगों को लेकर जो संवाद चल रहा है, उसकी जानकारी लगातार छात्रों तक पहुंचाई जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि बातचीत के माध्यम से इस मामले का समाधान निकाला जाए। कलेक्टर ने कहा कि जल्द ही छात्रों के साथ एक और दौर की बातचीत की जाएगी। इसके बाद सभी पक्षों की सहमति से अंतिम निर्णय तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में स्टाइपेंड बढ़ाने और अन्य सुविधाओं में सुधार से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी मांगों पर सरकार को सकारात्मक कदम उठाने चाहिए। प्रशासन की ओर से लगातार प्रदर्शनकारी छात्रों से संवाद बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया जा रहा है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास जारी है।
कलेक्टर ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान संवाद के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने छात्रों से भी अपील की कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखें और प्रशासन के साथ बातचीत जारी रखें। वहीं, प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि, प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत से समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है। भोपाल में चल रहे इस प्रदर्शन पर अब सभी की नजर राज्य सरकार और इंटर्न डॉक्टरों के बीच होने वाली अगली बैठक पर है। उम्मीद है कि बातचीत के जरिए जल्द कोई सहमति बन सकेगी।
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