भोपाल। मध्य प्रदेश में MBBS इंटर्न डॉक्टरों की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। डॉक्टरों की हड़ताल का असर अब राजधानी भोपाल की यातायात व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है।

प्रदर्शन और सुरक्षा इंतजामों के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही। रोजाना आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई लोग घंटों तक ट्रैफिक में फंसे रहे।

VIP रोड से पॉलिटेक्निक स्क्वायर तक लंबा जाम

मंगलवार को भोपाल में VIP रोड से पॉलिटेक्निक स्क्वायर तक वाहनों की लंबी कतार देखने को मिली।

इस मार्ग पर करीब 1.5 से 2 किलोमीटर तक जाम लग गया, जिससे वाहन चालकों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।

कई लोगों ने बताया कि जरूरी काम से निकलने के बावजूद उन्हें लंबे समय तक सड़क पर रुकना पड़ा।

इंटर्न डॉक्टरों की मांग को लेकर जारी है आंदोलन

मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले MBBS इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान वे अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और चिकित्सा सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उन्हें मिलने वाला भत्ता उनकी जिम्मेदारियों के हिसाब से पर्याप्त नहीं है।

इसी मांग को लेकर उन्होंने OPD सेवाओं से दूरी बनाई है और प्रदर्शन कर रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था के चलते बदला ट्रैफिक रूट

भोपाल पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए कई जगह सुरक्षा इंतजाम किए हैं।

मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई, जिसके कारण कुछ वैकल्पिक मार्ग भी प्रभावित हुए।

तलैया के पीछे गिनौरी रोड वाला वैकल्पिक रास्ता भी बंद कर दिया गया, जिससे आसपास के इलाकों में यातायात का दबाव बढ़ गया।

लोगों को उठानी पड़ी परेशानी

सड़क जाम के कारण स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

कई वाहन चालक दूसरे रास्तों की तलाश करते नजर आए, लेकिन कई वैकल्पिक मार्ग बंद होने के कारण राहत नहीं मिल सकी।

यात्रियों का कहना था कि अचानक बदली यातायात व्यवस्था की जानकारी नहीं होने से उन्हें ज्यादा समय लगा।

पुलिस ने संभाली व्यवस्था

जाम की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे।

अधिकारियों ने प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

पुलिस की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें और यातायात नियमों का पालन करें।

इमरजेंसी सेवाएं जारी रखने का दावा

इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन के बावजूद अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि गंभीर मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।

हालांकि, OPD सेवाओं पर हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है।

सरकार और डॉक्टरों के बीच समाधान की उम्मीद

इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल लगातार जारी रहने से अब सरकार और डॉक्टरों के बीच बातचीत की जरूरत महसूस की जा रही है।

डॉक्टर अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील कर रहे हैं।

वहीं प्रशासन कोशिश कर रहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं और शहर की व्यवस्था दोनों को सुचारू रखा जा सके।

आंदोलन के कारण बढ़ी प्रशासनिक चुनौती

भोपाल जैसे व्यस्त शहर में किसी बड़े प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होना आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।

इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन अब केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर शहर की सामान्य गतिविधियों पर भी पड़ने लगा है।

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