सड़क के अभाव में तुलसीपान गांव के लोग परेशान, बारिश में कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना मजबूरी
सतनबाड़ी। सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव में सतनबाड़ी पंचायत के तुलसीपान गांव के लोगों की परेशानी बरसात के मौसम में और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। बारिश के दौरान गांव तक पहुंचने वाला रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
तुलसीपान गांव के लोगों के लिए बरसात का मौसम हर साल नई परेशानी लेकर आता है। सड़क की स्थिति खराब होने के कारण सामान्य दिनों में भी लोगों को आवाजाही में कठिनाई होती है, लेकिन बारिश के समय हालात और गंभीर हो जाते हैं। कच्चा रास्ता पानी और कीचड़ से भर जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव की सड़क कई वर्षों से बदहाल स्थिति में है। बारिश शुरू होते ही रास्ते पर जगह-जगह कीचड़ जमा हो जाता है। कई बार लोग फिसलकर गिर जाते हैं और चोटिल भी हो जाते हैं। इसके बावजूद सड़क निर्माण की मांग पर अब तक ध्यान नहीं दिया गया है।
सबसे ज्यादा परेशानी किसानों और ग्रामीणों को होती है। खराब सड़क के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली तक गांव तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। बारिश के दिनों में कृषि कार्यों के लिए जरूरी सामान लाने-ले जाने में भी दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण गांव का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से कमजोर हो जाता है।
गांव में किसी व्यक्ति के बीमार होने की स्थिति में समस्या और बढ़ जाती है। खराब रास्ते के कारण एंबुलेंस या अन्य वाहन आसानी से गांव तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में मरीजों को कई बार पैदल या किसी अन्य साधन से मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश के दौरान कीचड़ भरे रास्ते से उन्हें अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाना जोखिम भरा होता है। कई बार समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों को सड़क निर्माण के लिए अवगत कराया है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के माध्यम से भी अपनी समस्या रखी, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
जोरदार बारिश होने पर सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। रास्ते में पानी भर जाने से लोगों को आवाजाही के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ता है। कई बार छोटे वाहन भी इस रास्ते से निकल नहीं पाते, जिससे लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित होती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी जरूरी सुविधाओं तक पहुंच का माध्यम भी है। सड़क खराब होने से बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और ग्रामीणों को बाजार तक जाने में परेशानी होती है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क का जल्द निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के दिनों में होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि पक्की सड़क बनने से गांव के विकास को भी गति मिलेगी और लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
वहीं, ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए अब प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह जल्द इस मामले में कदम उठाएगा। सड़क निर्माण होने से न केवल बारिश के समय की समस्या दूर होगी, बल्कि गांव के लोगों को सालभर बेहतर संपर्क सुविधा मिल सकेगी।
तुलसीपान गांव के लोगों की यह समस्या ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को भी उजागर करती है। सड़क जैसी आवश्यक सुविधा के लिए वर्षों से इंतजार कर रहे ग्रामीणों की मांग है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम दिखाई देना चाहिए।