डिंडोरी। मंगलवार को कलेक्ट्रेट मीटिंग रूम में आयोजित जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के सामने रखीं। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में हुई इस जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण और आम नागरिक शामिल हुए। लोगों ने पीने के पानी, जमीन के अधिकार, आवास और रोजगार सहित कई मुद्दों से जुड़ी अर्जियां प्रस्तुत कीं।
कलेक्टर ने सभी आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को मामलों की जांच कर समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों ने रखी मांग
जनसुनवाई के दौरान समनपुर विकासखंड की फिटारी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले रंजरा फीडर गांव के ग्रामीणों ने पेयजल समस्या को लेकर आवेदन दिया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के सभी हिस्सों में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
ग्रामीणों ने मांग की कि गांव के सभी क्षेत्रों तक पाइपलाइन का विस्तार किया जाए, जिससे लोगों को रोजाना पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि गर्मी और अन्य मौसम में पानी की समस्या के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को जांच के निर्देश
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री को मामले की जांच करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मौके की स्थिति का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि पेयजल समस्या का स्थायी समाधान कैसे किया जा सकता है। पाइपलाइन विस्तार और अन्य जरूरी कार्यों को लेकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
जमीन और आवास से जुड़े आवेदन भी पहुंचे
जनसुनवाई में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने जमीन के अधिकार और आवास से जुड़ी समस्याएं भी रखीं। कई लोगों ने अपने अधिकारों से संबंधित दस्तावेजों और लंबित मामलों के समाधान की मांग की।
कलेक्टर ने संबंधित विभागों को सभी मामलों की जांच कर पात्र लोगों को नियमानुसार लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए।
रोजगार से जुड़ी समस्याएं भी उठीं
जनसुनवाई में रोजगार से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए। लोगों ने रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने की मांग रखी।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रोजगार से जुड़े आवेदनों का परीक्षण कर पात्र लोगों को संबंधित योजनाओं और विभागीय कार्यक्रमों से जोड़ा जाए।
अधिकारियों को समय सीमा में कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर ने जनसुनवाई के दौरान मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों और आवेदनों का समयबद्ध निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों को केवल दर्ज करना उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि उनका समाधान करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन मामलों में मौके पर जाकर जांच की जरूरत है, वहां टीम भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाए और रिपोर्ट तैयार की जाए।
प्रशासन और जनता के बीच संवाद का माध्यम
जनसुनवाई कार्यक्रम प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। इसके जरिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग अपनी समस्याएं सीधे जिला प्रशासन के सामने रख सकते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जनसुनवाई से लोगों की समस्याओं की पहचान करने और उन्हें जल्द हल करने में मदद मिलती है।
लोगों को समाधान की उम्मीद
जनसुनवाई में आवेदन देने पहुंचे लोगों ने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा। खासकर पेयजल जैसी मूलभूत जरूरतों से जुड़ी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
कलेक्टर के निर्देश के बाद संबंधित विभागों ने अब इन मामलों पर कार्रवाई शुरू करने की तैयारी कर ली है।
मंगलवार को हुई जनसुनवाई में पेयजल, जमीन, आवास और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मामलों की जांच कर लोगों को समय पर राहत पहुंचाई जाए। प्रशासन की इस पहल से लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है।