शिवमोग्गा। कर्नाटक के शिवमोग्गा में स्थित राज्य के पहले सरकारी एयरपोर्ट के संचालन और प्रबंधन को लेकर बड़ा बदलाव होने की तैयारी है। आने वाले दिनों में सोगने स्थित शिवमोग्गा एयरपोर्ट का प्रबंधन किसी निजी कंपनी को सौंपा जा सकता है। इसके लिए कर्नाटक राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (KSIIDC) ने निजी क्षेत्र की कंपनियों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) आमंत्रित किया है।

KSIIDC ने एयरपोर्ट के संचालन और प्रबंधन में रुचि रखने वाली निजी एयरलाइन कंपनियों, एयरपोर्ट ऑपरेटरों और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स से प्रस्ताव मांगे हैं। इस कदम को एयरपोर्ट के संचालन को अधिक प्रभावी बनाने और इसकी व्यावसायिक क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

निजी ऑपरेटरों से मांगी गई रुचि

शिवमोग्गा के पास सोगने में स्थित एयरपोर्ट के प्रबंधन के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी तलाशने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। KSIIDC की ओर से जारी रुचि आमंत्रण में उन कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं, जिन्हें एयरपोर्ट संचालन, प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास का अनुभव है।

इस प्रक्रिया में निजी एयरलाइन ऑपरेटरों के अलावा ऐसे एयरपोर्ट ऑपरेटर और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर भी हिस्सा ले सकते हैं, जिनके पास हवाई अड्डे के प्रबंधन और संचालन से जुड़ी विशेषज्ञता है। प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

राज्य का पहला सरकारी एयरपोर्ट

शिवमोग्गा एयरपोर्ट को कर्नाटक के पहले सरकारी एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया गया था। सोगने में बना यह एयरपोर्ट शिवमोग्गा और आसपास के क्षेत्रों के लिए हवाई संपर्क का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

एयरपोर्ट के शुरू होने से शिवमोग्गा के साथ-साथ आसपास के जिलों के लोगों को भी हवाई यात्रा की सुविधा मिली। इससे क्षेत्र में पर्यटन, कारोबार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई थी।

अब एयरपोर्ट के प्रबंधन में निजी क्षेत्र को शामिल करने की पहल के पीछे इसका संचालन बेहतर करने और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने जैसे उद्देश्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

संचालन और प्रबंधन में बदलाव की तैयारी

एयरपोर्ट के प्रबंधन को निजी हाथों में सौंपने का फैसला होने पर ऑपरेटर को रोजमर्रा के संचालन से जुड़ी कई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। इनमें यात्री सुविधाएं, टर्मिनल प्रबंधन, एयरपोर्ट परिसर का रखरखाव, व्यावसायिक गतिविधियां और अन्य परिचालन संबंधी कार्य शामिल हो सकते हैं।

हालांकि, निजी ऑपरेटर को कौन-कौन सी जिम्मेदारियां दी जाएंगी और इसके लिए क्या शर्तें होंगी, यह चयन प्रक्रिया और आगे होने वाले समझौते के बाद स्पष्ट होगा।

KSIIDC की ओर से EOI आमंत्रित किया जाना फिलहाल निजी कंपनियों की रुचि और क्षमता को समझने की दिशा में पहला कदम है। इसके बाद प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जा सकता है।

निजी क्षेत्र से विशेषज्ञता मिलने की उम्मीद

एयरपोर्ट संचालन एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें सुरक्षा, यात्री सुविधा, विमान संचालन, बुनियादी ढांचे के रखरखाव और व्यावसायिक प्रबंधन समेत कई पहलू शामिल होते हैं। निजी क्षेत्र की कंपनियों के पास इन क्षेत्रों में विशेष अनुभव हो सकता है।

ऐसे में यदि किसी अनुभवी निजी ऑपरेटर को प्रबंधन की जिम्मेदारी मिलती है तो एयरपोर्ट की कार्यक्षमता में सुधार की उम्मीद की जा सकती है। इसके साथ ही यात्रियों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने और एयरपोर्ट से जुड़ी व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ाने पर भी जोर दिया जा सकता है।

शिवमोग्गा के लिए एयरपोर्ट का महत्व

शिवमोग्गा मलनाड क्षेत्र का महत्वपूर्ण शहर है। आसपास के इलाकों में पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों की संभावनाएं हैं। ऐसे में बेहतर हवाई संपर्क क्षेत्र के आर्थिक विकास में मददगार हो सकता है।

एयरपोर्ट के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को बेंगलुरु और देश के अन्य हिस्सों से जुड़ने का विकल्प मिलता है। हवाई संपर्क बेहतर होने से व्यापारियों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य यात्रियों को फायदा हो सकता है।

स्थानीय स्तर पर यह भी उम्मीद की जाती है कि एयरपोर्ट की क्षमता का बेहतर उपयोग होने पर शिवमोग्गा और आसपास के क्षेत्रों में निवेश और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स भी दौड़ में

KSIIDC ने केवल एयरलाइन कंपनियों या मौजूदा एयरपोर्ट ऑपरेटरों तक प्रक्रिया सीमित नहीं रखी है। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स को भी EOI प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर दिया गया है।

इससे संकेत मिलता है कि एयरपोर्ट के संचालन के साथ-साथ उसके बुनियादी ढांचे और व्यावसायिक विकास पर भी निजी क्षेत्र की भूमिका पर विचार किया जा रहा है। एयरपोर्ट के आसपास यात्री सुविधाओं और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को विकसित करने की संभावनाएं भी इस प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती हैं।

अभी अंतिम फैसला नहीं

हालांकि KSIIDC ने निजी कंपनियों से EOI आमंत्रित किया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि एयरपोर्ट का प्रबंधन तत्काल किसी कंपनी को सौंप दिया गया है। फिलहाल निजी क्षेत्र से रुचि और प्रस्ताव मांगे गए हैं।

प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद संबंधित कंपनियों की तकनीकी क्षमता, अनुभव, वित्तीय स्थिति और एयरपोर्ट संचालन से जुड़ी विशेषज्ञता का आकलन किया जा सकता है। इसके बाद ही प्रबंधन को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

यात्री सुविधाओं पर रहेगी नजर

शिवमोग्गा एयरपोर्ट के निजी प्रबंधन की दिशा में आगे बढ़ने पर सबसे ज्यादा नजर यात्री सुविधाओं और संचालन की गुणवत्ता पर रहेगी। यात्रियों के लिए बेहतर टर्मिनल सुविधाएं, समय पर सेवाएं, साफ-सफाई, पार्किंग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं एयरपोर्ट की उपयोगिता को प्रभावित करती हैं।

यदि निजी भागीदारी से संचालन में सुधार होता है और एयरपोर्ट की यात्री संख्या बढ़ती है तो इससे क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूती मिल सकती है।

फिलहाल KSIIDC द्वारा EOI आमंत्रित किए जाने के बाद निजी क्षेत्र की कंपनियों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। आने वाले चरण में प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर यह तय होगा कि शिवमोग्गा एयरपोर्ट का प्रबंधन किस मॉडल के तहत और किस निजी ऑपरेटर को सौंपा जाएगा। राज्य के पहले सरकारी एयरपोर्ट के भविष्य के संचालन को लेकर यह कदम कर्नाटक के विमानन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है।

Tags: