कर्नाटक। जेडीएस के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े मामले में जांच के दौरान कई नए खुलासे सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक जांच एजेंसियों को प्रज्वल रेवन्ना के मोबाइल फोन से 150 से अधिक अश्लील वीडियो क्लिप मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा आरोप है कि जेल में रहने के दौरान वह अपनी कथित गर्लफ्रेंड से फोन पर बातचीत करता था। इस मामले को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
प्रज्वल रेवन्ना पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न और आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करने से जुड़े गंभीर आरोप लगे थे। मामला सामने आने के बाद कर्नाटक की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। जांच एजेंसियों ने मामले की जांच के दौरान डिजिटल सबूतों को भी खंगाला, जिसमें मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच शामिल थी।
मोबाइल जांच में सामने आई जानकारी
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, प्रज्वल रेवन्ना के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच के दौरान बड़ी संख्या में वीडियो फाइलें मिलीं। इनमें कई आपत्तिजनक क्लिप होने की बात कही गई है। जांच एजेंसियां इन डिजिटल सबूतों की सत्यता, समय और स्रोत की पुष्टि करने में जुटी हैं।
फॉरेंसिक जांच किसी भी डिजिटल मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, क्योंकि इससे यह पता लगाने में मदद मिलती है कि डिवाइस में मौजूद सामग्री कब बनाई गई, किस तरह सुरक्षित रखी गई और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से हुआ।
जेल से कॉल करने का आरोप
मामले में यह भी दावा किया गया है कि जेल में रहने के दौरान प्रज्वल रेवन्ना ने अपनी कथित गर्लफ्रेंड से फोन पर संपर्क किया था। जेल नियमों के अनुसार कैदियों को फोन इस्तेमाल करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होता है।
अब जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कथित कॉल किस माध्यम से की गईं और क्या जेल नियमों का उल्लंघन हुआ। यदि किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी हैं प्रज्वल रेवन्ना
प्रज्वल रेवन्ना कर्नाटक के प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से आते हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते हैं और जेडीएस से सांसद रह चुके हैं। साल 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ कथित आपत्तिजनक वीडियो सामने आने के बाद विवाद शुरू हुआ था।
महिलाओं की शिकायतों के आधार पर उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए। इसके बाद जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। जांच एजेंसियों ने कई डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों को सबूत के तौर पर शामिल किया।
राजनीतिक असर भी पड़ा
प्रज्वल रेवन्ना मामले का असर कर्नाटक की राजनीति पर भी पड़ा। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और जेडीएस पर निशाना साधा था। वहीं, जेडीएस नेताओं ने मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की बात कही।
यह मामला चुनावी माहौल के बीच सामने आने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना। कई राजनीतिक दलों ने महिलाओं की सुरक्षा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी
फिलहाल मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है। जांच एजेंसियां सभी सबूतों की जांच कर रही हैं और अदालत में पेश किए गए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
डिजिटल सबूतों से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां वीडियो, कॉल रिकॉर्ड, संदेश और अन्य डेटा की विस्तृत जांच करती हैं ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।
प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े इस मामले में आने वाले समय में जांच रिपोर्ट और अदालत की कार्यवाही के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल मोबाइल डेटा और कथित कॉल रिकॉर्ड को लेकर सामने आई जानकारी ने मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।