बेंगलुरु: स्वतंत्रता दिवस को आम लोगों की भागीदारी वाला बड़ा उत्सव बनाने के उद्देश्य से ग्रेटर बैंगलोर अथॉरिटी (GBA) पहली बार ‘फ्रीडम फेस्टिवल’ का आयोजन करने जा रही है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य स्वतंत्रता दिवस को केवल एक सरकारी समारोह तक सीमित न रखकर, इसे हर नागरिक के लिए उत्सव और गर्व का अवसर बनाना है।
मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 15 अगस्त को विधान सौधा के आसपास सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक विभिन्न सांस्कृतिक, कलात्मक और मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस आयोजन में शहर के लोगों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों और भाषाई समुदायों के कलाकार भी हिस्सा लेंगे।
मंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश के हर नागरिक के लिए एक विशेष दिन है और इसे केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब तक आम लोग स्वतंत्रता दिवस समारोहों में अधिकतर दर्शक के रूप में शामिल होते रहे हैं, लेकिन इस बार उन्हें सक्रिय भागीदारी का अवसर देने की योजना बनाई गई है।
उन्होंने कहा, “हर भारतीय के घर में स्वतंत्रता दिवस पहला त्योहार होना चाहिए।” उनका कहना था कि जिस तरह लोग अपने व्यक्तिगत और सामाजिक त्योहारों को उत्साह के साथ मनाते हैं, उसी भावना के साथ देश की आजादी का दिन भी मनाया जाना चाहिए।
GBA के इस आयोजन में देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को एक मंच पर लाने की कोशिश की जाएगी। फ्रीडम फेस्टिवल में कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम, बंगाली, गुजराती, हिंदी, ओडिया और उत्तर-पूर्वी भारत के विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक समूह अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
इसके अलावा कर्नाटक के अलग-अलग क्षेत्रों की संस्कृति को भी इस उत्सव में प्रमुखता दी जाएगी। कोडगु, मैंगलोर और उत्तरी कर्नाटक सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों से आने वाले कलाकार और सांस्कृतिक दल अपनी पारंपरिक कला, संगीत और लोक प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को राज्य की समृद्ध विरासत से परिचित कराएंगे।
आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मनोरंजन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि भारत की विविधता में एकता की भावना को मजबूत करना भी है। अलग-अलग भाषाओं, क्षेत्रों और संस्कृतियों के लोगों को एक मंच पर लाकर स्वतंत्रता दिवस के महत्व को व्यापक रूप से प्रस्तुत करने की योजना है।
फ्रीडम फेस्टिवल के आयोजन पर लगभग 3 से 5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों, मंच व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से आयोजित करने के लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।
विधान सौधा के आसपास होने वाला यह आयोजन बेंगलुरु के लोगों के लिए एक खास आकर्षण बनने की उम्मीद है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यहां बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है, इसलिए प्रशासन की ओर से भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष योजना तैयार की जा रही है।
शहर के सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि इस तरह के आयोजन लोगों में राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी प्रदान करते हैं। खासकर लोक कला और क्षेत्रीय संस्कृति से जुड़े कलाकारों के लिए यह एक बड़ा मंच साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सार्वजनिक भागीदारी वाले राष्ट्रीय आयोजनों से नागरिकों में जुड़ाव की भावना बढ़ती है। स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसरों को सामुदायिक उत्सव के रूप में मनाने से नई पीढ़ी को देश के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के महत्व को समझने का अवसर मिलता है।
GBA का यह पहला फ्रीडम फेस्टिवल बेंगलुरु की बहुसांस्कृतिक पहचान को भी दर्शाने की कोशिश करेगा। शहर में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोग रहते हैं और यह कार्यक्रम उन्हें एक साझा मंच पर जोड़ने का प्रयास करेगा।
कुल मिलाकर, GBA का ‘फ्रीडम फेस्टिवल’ स्वतंत्रता दिवस समारोहों को एक नया रूप देने की पहल है। प्रशासन की कोशिश है कि इस आयोजन के माध्यम से नागरिक केवल दर्शक न रहें, बल्कि देश के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व का हिस्सा बनकर इसे उत्साह और गर्व के साथ मनाएं।