कॉलेज में रैगिंग का मामला, दो BBA छात्रों को बाइक पर ले जाकर बेल्ट से पीटा, पांच सीनियर गिरफ्तार
मंगलुरु। कर्नाटक के मंगलुरु में एक निजी शिक्षण संस्थान में रैगिंग और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कॉलेज के सीनियर छात्रों ने प्रथम वर्ष में पढ़ने वाले दो BBA छात्रों को जबरन बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गए और उनके साथ रैगिंग की। इस दौरान छात्रों की बेल्ट से बेरहमी से पिटाई भी की गई। मामले में पुलिस ने कॉलेज के सेकंड ईयर के पांच छात्रों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने शनिवार को बताया कि केरल के रहने वाले एक प्रथम वर्ष के BBA छात्र के साथ मारपीट के आरोप में पांच सीनियर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सभी आरोपी उसी कॉलेज में सेकंड ईयर के छात्र बताए जा रहे हैं। शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक घटना 19 सितंबर की है। प्रथम वर्ष के दो BBA छात्र पांडेश्वर इलाके में स्थित अपने कॉलेज के पास जा रहे थे। इसी दौरान सीनियर छात्रों का एक समूह उनके पास पहुंचा। आरोप है कि सीनियर छात्रों ने दोनों जूनियर छात्रों को रोका और उन्हें जबरन बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गए।
दोनों छात्रों को कॉलेज के पास से दूसरी जगह ले जाया गया। वहां सीनियर छात्रों ने कथित रूप से उनके साथ रैगिंग शुरू कर दी। इस दौरान दोनों से दुर्व्यवहार किया गया और मारपीट की गई। आरोप है कि सीनियर छात्रों ने बेल्ट का इस्तेमाल करते हुए दोनों की पिटाई की।
घटना में एक छात्र को ज्यादा चोटें आने की बात सामने आई है। पीड़ित छात्र केरल का रहने वाला है और मंगलुरु में BBA प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। घटना के बाद मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने घटना से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू की।
पुलिस ने पीड़ित छात्रों से घटना की जानकारी ली और आरोपियों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की। जांच के दौरान कॉलेज के सेकंड ईयर के पांच छात्रों की कथित भूमिका सामने आई। इसके बाद पुलिस ने पांचों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय मौके पर और कितने छात्र मौजूद थे और रैगिंग तथा मारपीट में उनकी क्या भूमिका थी। पीड़ित छात्रों के बयान के आधार पर भी मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।
मामले में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि प्रथम वर्ष के छात्रों को कॉलेज के पास से किस जगह ले जाया गया था और वहां उनके साथ कितनी देर तक रैगिंग और मारपीट की गई। दोनों छात्रों को बाइक पर जबरन ले जाने के आरोप को भी जांच में शामिल किया गया है।
घटना सामने आने के बाद शिक्षण संस्थानों में रैगिंग को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। कॉलेजों में नए छात्रों को परेशान करने, डराने, अपमानित करने या उनके साथ शारीरिक हिंसा करने जैसी गतिविधियां गंभीर मामला मानी जाती हैं। इस मामले में भी आरोप केवल रैगिंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छात्रों को जबरन बाइक पर ले जाने और बेल्ट से पीटने का आरोप भी लगाया गया है।
पुलिस गिरफ्तार पांचों छात्रों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना किस वजह से हुई और क्या पीड़ित छात्रों को पहले भी सीनियर छात्रों की ओर से परेशान किया गया था। मामले में अन्य छात्रों की संलिप्तता सामने आने पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है।
पुलिस घटना के क्रम को स्पष्ट करने के लिए उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। कॉलेज के आसपास की गतिविधियों और घटना से जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पीड़ित छात्रों के बयान इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
रैगिंग की इस घटना में गिरफ्तार किए गए सभी पांच आरोपी कॉलेज के सेकंड ईयर में पढ़ते हैं, जबकि पीड़ित दोनों छात्र प्रथम वर्ष के BBA विद्यार्थी हैं। पुलिस के अनुसार, घटना 19 सितंबर को पांडेश्वर इलाके में उस समय शुरू हुई, जब दोनों छात्र कॉलेज के पास से गुजर रहे थे।
फिलहाल पांच सीनियर छात्रों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच में घटना से संबंधित अन्य तथ्य सामने आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस घटना में पांच गिरफ्तार छात्रों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।