बेंगलुरु। कर्नाटक भाजपा ने राज्य में अपने बूथ स्तर के संगठन को मजबूत करने के लिए 1 अक्टूबर से तीन महीने की ‘बूथ विजय संकल्प यात्रा’ शुरू करने की घोषणा की है। भाजपा के प्रदेश महासचिव प्रीतम गौड़ा ने शुक्रवार को बेंगलुरु में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान राज्य के सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगा और इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय प्रतिनिधियों तथा लोगों से सीधा संवाद किया जाएगा।
प्रीतम गौड़ा ने बताया कि यात्रा का पहला चरण 1 से 10 अक्टूबर के बीच आयोजित किया जाएगा। इस दौरान 16 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने की योजना है। इसके बाद अगले दो महीनों में राज्य के बाकी विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी का लक्ष्य अगले तीन महीने में सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचना है।
यह यात्रा भाजपा के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के साथ आयोजित की जाएगी। पार्टी यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के तौर पर 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चला रही है। नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद वह गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और मई 2014 से प्रधानमंत्री हैं। 7 अक्टूबर 2026 को सरकार के मुखिया के तौर पर उनके लगातार 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। भाजपा का राष्ट्रव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक निर्धारित है।
प्रीतम गौड़ा ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी के कार्यकाल के दौरान शुरू किए गए जनसेवा कार्यक्रमों को प्रधानमंत्री बनने के बाद भी आगे बढ़ाया गया। इसी को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर महीने भर का ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है। भाजपा ने इसके तहत सेवा गतिविधियों, जनसंपर्क और केंद्र सरकार की योजनाओं से जुड़े कई कार्यक्रम तय किए हैं।
कर्नाटक में भाजपा की ‘बूथ विजय संकल्प यात्रा’ का उद्देश्य केवल संगठनात्मक बैठकें करना नहीं होगा। प्रीतम गौड़ा के अनुसार पार्टी नेता अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में स्थानीय समस्याओं वाले स्थानों पर जाएंगे, प्रभावित लोगों से मुलाकात करेंगे और उनकी शिकायतों तथा मुद्दों को समझेंगे। किसानों और स्थानीय समुदायों से भी संवाद किया जाएगा। पार्टी इस दौरान मिलने वाले फीडबैक को अपने संगठनात्मक काम में शामिल करने की योजना बना रही है।
भाजपा की योजना प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में करीब 1,500 से 2,000 सक्रिय कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों को इस संगठनात्मक कार्यक्रम से जोड़ने की है। इसमें ग्राम पंचायत अध्यक्ष, तालुक स्तर के प्रतिनिधि, पूर्व जिला पंचायत सदस्य, कृषि उपज मंडी समिति से जुड़े प्रतिनिधि और शहरी स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल होंगे। पार्टी इन लोगों के माध्यम से बूथ स्तर तक अपने नेटवर्क को सक्रिय करने की तैयारी कर रही है।
यात्रा के दौरान केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाने की योजना है। इसके साथ उन क्षेत्रों की पहचान की जाएगी, जहां स्थानीय समस्याओं को लेकर राज्य सरकार या पार्टी के स्तर पर हस्तक्षेप की जरूरत बताई जाती है। भाजपा का कहना है कि कार्यकर्ता केवल बैठक करने के बजाय जमीन पर जाकर स्थानीय मुद्दों की जानकारी जुटाएंगे।
कर्नाटक भाजपा के वरिष्ठ नेता भी इस अभियान में शामिल होंगे। प्रीतम गौड़ा के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक और विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवादी नारायणस्वामी सहित अन्य वरिष्ठ नेता अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को भी विभिन्न जिलों की जिम्मेदारी दिए जाने की बात कही गई है।
पार्टी ने हाल के दिनों में सूखे और किसानों से जुड़े मुद्दों पर राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं। प्रीतम गौड़ा ने हाल में आयोजित ‘बल्लारी चलो’ पदयात्रा का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पार्टी के आंदोलन के बाद राज्य सरकार को सूखे से जुड़े मुद्दों पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना पड़ा। यह भाजपा का राजनीतिक दावा है। पार्टी ने कहा है कि वह सूखा प्रभावित किसानों और स्थानीय समस्याओं को यात्रा के दौरान भी उठाएगी।
राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ में भी अलग-अलग सामाजिक और जनसंपर्क कार्यक्रम शामिल किए गए हैं। भाजपा ने रक्तदान शिविर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से संपर्क, सेवा गतिविधियों, युवा कार्यक्रमों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद जैसे आयोजन तय किए हैं। पार्टी के मुताबिक अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सरकारी नेतृत्व को लोगों के सामने रखना और कार्यकर्ताओं को सेवा गतिविधियों से जोड़ना है।
कर्नाटक भाजपा पहले ही 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक राज्य में ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित करने की घोषणा कर चुकी है। अब 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली ‘बूथ विजय संकल्प यात्रा’ को भी इसके साथ जोड़ा जाएगा। हालांकि बूथ यात्रा तीन महीने तक चलने की योजना है और इसका दायरा राज्य की सभी विधानसभा सीटों तक होगा।
प्रीतम गौड़ा ने कहा कि आने वाले तीन महीने पार्टी के लिए व्यापक संगठनात्मक गतिविधियों के होंगे। भाजपा का घोषित उद्देश्य बूथ स्तर के ढांचे को सक्रिय करना, स्थानीय मुद्दों पर लोगों से संपर्क बढ़ाना और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों तथा 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले अपने संगठन की तैयारियों को आगे बढ़ाना है।