कर्नाटक में BJP नेताओं को निशाना बनाने की कथित साजिश, दो संदिग्ध गिरफ्तार; टेलीग्राम चैट की जांच
बेंगलुरु। कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर और हासन से दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद कथित आतंकी साजिश का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, दोनों पर सोशल मीडिया के जरिए हिंसक और विध्वंसक गतिविधियों से जुड़ी चर्चाओं में शामिल होने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चिक्कबल्लापुर के बापूजीनगर निवासी शब्बीर और उत्तर भारत से जुड़े सलमान के रूप में बताई गई है। पुलिस अब टेलीग्राम ग्रुप में हुई बातचीत, उसके सदस्यों और आरोपियों के संभावित संपर्कों की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला टेलीग्राम पर बनाए गए एक कथित क्लोज्ड ग्रुप की गतिविधियों से सामने आया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ग्रुप में कुछ लोग कथित तौर पर आतंकवादी और विध्वंसक गतिविधियों को लेकर चर्चा कर रहे थे। चिक्कबल्लापुर के पुलिस अधीक्षक पद्मिनी साहू ने बताया कि आरोपियों की अब तक कोई ज्ञात आतंकी पृष्ठभूमि सामने नहीं आई है। हालांकि उनके ऑनलाइन संपर्क और गतिविधियों की विस्तृत जांच की जा रही है।
कैसे सामने आया मामला
पुलिस के अनुसार, शब्बीर की सोशल मीडिया गतिविधियां जांच एजेंसियों की नजर में आई थीं। इसके बाद उसके ऑनलाइन संपर्कों और गतिविधियों पर नजर रखी गई। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स की पड़ताल की गई। इसी प्रक्रिया में टेलीग्राम पर बने एक समूह और उसमें हुई कथित आपत्तिजनक चर्चाओं के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद चिक्कबल्लापुर पुलिस ने मामला दर्ज कर शब्बीर को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने शब्बीर से पूछताछ और उसके मोबाइल की जांच के आधार पर दूसरे संदिग्ध तक पहुंचने की बात कही है। रिपोर्टों के अनुसार, सलमान को हासन जिले के अरकलगुड इलाके से पकड़ा गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि टेलीग्राम ग्रुप में कितने लोग शामिल थे और इनमें से कितनों की भूमिका कथित साजिश में थी।
BJP नेताओं को निशाना बनाने का आरोप
मामले ने उस समय राजनीतिक रूप ले लिया जब विपक्ष के नेता आर. अशोक ने दावा किया कि टेलीग्राम समूह में कुछ प्रमुख हिंदू समर्थक भाजपा नेताओं को निशाना बनाने की कथित योजना पर चर्चा हुई थी। अशोक के अनुसार, भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यत्नाल, पूर्व भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा और भाजपा एमएलसी सी.टी. रवि कथित तौर पर संभावित निशाने पर थे। हालांकि यह आरोप विपक्ष के नेता की ओर से लगाया गया है और पुलिस की ओर से इन तीनों नेताओं को निशाना बनाने की योजना की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
आर. अशोक ने मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित भाजपा नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुलिस को कथित नेटवर्क की पूरी जानकारी सामने लानी चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि गिरफ्तार लोगों के पीछे कोई बड़ा संगठन या अन्य व्यक्ति तो नहीं है। यह मांग भाजपा नेता की प्रतिक्रिया है।
टेलीग्राम ग्रुप में क्या हो रहा था?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, टेलीग्राम समूह में कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों, हिंसा और सार्वजनिक शांति भंग करने से संबंधित चर्चाएं की गई थीं। कुछ रिपोर्टों में समूह के जरिए हिंसा की योजना और धन जुटाने से जुड़ी बातचीत का भी उल्लेख है। हालांकि जांच अभी शुरुआती चरण में है और इन चर्चाओं की वास्तविक प्रकृति तथा आरोपियों की कथित भूमिका का अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
चिक्कबल्लापुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों की पृष्ठभूमि और उनके संपर्कों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या गिरफ्तार दोनों आरोपी केवल ऑनलाइन चर्चाओं तक सीमित थे या उन्होंने किसी वास्तविक हिंसक गतिविधि की तैयारी भी की थी। फिलहाल उपलब्ध पुलिस जानकारी में किसी वास्तविक हमले के अंजाम दिए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
आरोपियों पर मामला दर्ज
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की आतंकवादी कृत्य से संबंधित धारा के तहत कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की बात कही है। अब जांच में डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका अहम होगी। मोबाइल फोन, टेलीग्राम चैट, समूह के सदस्यों और ऑनलाइन संपर्कों की जानकारी के आधार पर पुलिस कथित साजिश की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि टेलीग्राम समूह का गठन किस उद्देश्य से किया गया था और उसमें शामिल लोगों की वास्तविक भूमिका क्या थी। इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि क्या कथित तौर पर नेताओं को निशाना बनाने की चर्चा केवल ऑनलाइन बातचीत तक सीमित थी या इसके लिए आगे कोई तैयारी की गई थी।
विपक्ष ने मांगी कड़ी जांच
गिरफ्तारियों के बाद भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार और पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की है। आर. अशोक और सी.टी. रवि सहित भाजपा नेताओं की ओर से पहले भी राज्य में कथित आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामलों में विस्तृत जांच की मांग की जाती रही है। इस मामले में भी भाजपा ने सुरक्षा और जांच को लेकर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ, टेलीग्राम समूह की डिजिटल सामग्री और उससे जुड़े लोगों की पहचान के बाद ही कथित साजिश की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। पुलिस के अनुसार, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि आरोपियों का किसी बड़े आतंकी संगठन से संबंध था। जांच में सामने आने वाले डिजिटल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।