शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का मामला गरमाया, बेशकीमती जमीन पर दो मंजिला अवैध निर्माण
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सांकेतिक तस्वीर (AI)
Shivrinarayan. शिवरीनारायण। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा टेम्पल सिटी के रूप में विकसित की जा रही धर्म धरा शिवरीनारायण इन दिनों बेशकीमती शासकीय एवं सेवा भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों को लेकर चर्चा में है। यह ऐतिहासिक, धार्मिक और व्यापारिक नगरी श्रीराम वनगमन पर्यटन परिपथ का महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां विकास के लिए मास्टर प्लान लागू किया गया है, लेकिन इसी के समानांतर भू-माफियाओं की सक्रियता और कुछ जनप्रतिनिधियों की कथित मौन स्वीकृति नगर विकास के लिए चुनौती बनती जा रही है।
शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण
ग्राम महंतपारा वार्ड क्रमांक 02 निवासी, पूर्व कांग्रेसी नेता वार्ड क्रमांक 15, खसरा नंबर 629 रकबा 0.121 के हिस्से पर दो मंजिला अवैध दुकान और मकान बनाए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय युवा गौरव केसरवानी द्वारा की गई शिकायत पर तहसीलदार ने स्थगन आदेश जारी किया, लेकिन आदेश की अवहेलना कर निर्माण कार्य जारी रखा गया। तहसीलदार शिवरीनारायण अविनाश चौहान ने मौके पर पहुंचकर मिक्सर मशीन जब्त कराई और जांच प्रतिवेदन में हल्का पटवारी ने अवैध कब्जे की पुष्टि भी कर दी, फिर भी प्रशासन की ओर से निर्माण हटाने की कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई।
नगर पंचायत की कार्यवाही पर सवाल
नगर पंचायत अध्यक्ष और स्थानीय पार्षद की चुप्पी को जनसमूह मौन समर्थन मान रहा है। जबकि हाल ही में वार्ड क्रमांक 12 व 14 में अन्य अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया गया था। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन की कार्रवाई चुनिंदा और पक्षपाती हो सकती है। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष संजय अग्रवाल के कार्यकाल में शासकीय भूमि पर बने धार्मिक स्थलों को नोटिस दिए गए, जबकि अवैध निर्माण को संरक्षण मिलना जन आक्रोश का विषय बन गया है।
अन्य अवैध गतिविधियाँ भी चर्चा में
नगर पंचायत की स्काई JCB मशीन से दो बोरी नारियल तुड़वाकर ले जाने का मामला।
महानदी रेत घाट में तहसीलदार द्वारा लगाए गए बैरिकेट्स को ट्रैक्टर से तोड़ने की घटना के समय मौके पर उनकी उपस्थिति।
इन सभी गतिविधियों पर न नगर पंचायत और न ही राजस्व विभाग की कोई ठोस प्रतिक्रिया आई है।
अवैध कब्जों पर अन्य जिलों में हो रही कार्रवाई से तुलना
जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर और चांपा जैसी जगहों पर एसडीएम, तहसीलदार और नगर निगम द्वारा अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाकर प्रशासन ने सख्त संदेश दिया है। ऐसे में शिवरीनारायण जैसे धार्मिक नगरी में प्रशासन की निष्क्रियता शासन की छवि पर विपरीत प्रभाव डाल रही है।