Raipur. रायपुर। राजधानी के मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में डिलीवरी बॉय से लूट और हमला करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया है। पूछताछ में तीनों ने कथित रूप से वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई दोपहिया वाहन, लूटी गई रकम और वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद किया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
डिलीवरी के बाद लौटते समय हुई थी लूट
जानकारी के अनुसार ग्राम बोडरा निवासी खिलावन लोधी ने मंदिर हसौद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनका बेटा हितेश लोधी डिलीवरी बॉय का काम करता है। 1 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 2 बजे हितेश गनोंद क्षेत्र से डिलीवरी कर धमनी की ओर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में दोपहिया वाहन सवार तीन नकाबपोश युवकों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने हितेश से करीब 4 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन लूट लिया। इसके बाद उसके साथ मारपीट करते हुए शरीर के संवेदनशील हिस्से पर किसी धारदार वस्तु से हमला किया और मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने दर्ज किया अपराध
घटना की शिकायत मिलने के बाद मंदिर हसौद थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने अज्ञात बाइक सवार तीन आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई।
तकनीकी साक्ष्य से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके आधार पर पुलिस ने तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में तीनों ने कथित रूप से डिलीवरी बॉय से लूट की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई दोपहिया वाहन, लूटी गई रकम और हथियार जब्त किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इससे पहले किसी अन्य वारदात को अंजाम दिया है या नहीं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।