ग्रामीण महिलाएं बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल, बिहान योजना से बढ़ी आय और पहचान
छग
Raigarh. रायगढ़। शासन की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत जिले की ग्रामीण महिलाएं अब आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। यह योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करती है। ग्राम बड़ेभंडार की मथुरा कुर्रे ने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें “आर.एफ.” और “सी.आई.एफ.” के अंतर्गत वित्तीय सहायता मिली। इस मदद से उन्होंने घर पर अचार, पापड़, बड़ी और मसाले का उत्पादन शुरू किया और आज इन उत्पादों को बाजार में बेचकर अच्छी आमदनी कमा रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ और वे आत्मनिर्भर बन सकी हैं।
ग्राम रूमकेरा, तहसील घरघोड़ा की जमुना सिदार पहले केवल गृहिणी थीं, लेकिन बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्होंने बांस शिल्प का प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने टोकरी, सूपा और अन्य बांस उत्पाद बनाना शुरू किया और विभिन्न मेलों, विशेषकर ‘सरस मेला’ में अपने उत्पाद प्रदर्शित किए। इसके परिणामस्वरूप उन्हें अच्छी आमदनी हुई और उनका जीवन स्तर सुधरा। महिलाओं के लिए यह योजना केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके कौशल, आत्मविश्वास और नई पहचान को भी बढ़ावा देती है। जिले में कई महिलाएं बिहान योजना से जुड़कर स्वरोजगार के माध्यम से अपने जीवन को नई दिशा दे रही हैं।
जिला प्रशासन भी महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। विभिन्न योजनाओं से जुड़कर महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं और अपने परिवार की खुशहाली में योगदान दे रही हैं। यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है और उन्हें समाज में नई पहचान प्रदान कर रही है। बिहान योजना से जुड़ी महिलाएं अब न केवल अपने परिवार की आमदनी बढ़ा रही हैं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी सशक्त हो रही हैं। प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार तक पहुंच से महिलाएं अपने उत्पाद बेचकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। इससे ग्रामीण समाज में महिला सशक्तिकरण को नया आयाम मिला है। जिला प्रशासन की लगातार पहल और शासन की योजनाओं से महिलाओं को स्वरोजगार और आर्थिक स्वतंत्रता मिली है, जिससे वे अपने परिवार और समाज में सम्मानपूर्ण स्थान बनाने में सफल हो रही हैं।