Bilaspur. बिलासपुर। रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ) की अपराध गुप्तचर शाखा ने बिलासपुर में आरक्षित टिकट दलाली के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो कथित दलालों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान की गई, जिसमें रेलवे आरक्षण केंद्र और हाई कोर्ट आवासीय परिसर, बोदरी स्थित पीआरएस कार्यालय पर छापेमारी शामिल थी। आरपीएफ के अनुसार जांच में सामने आया कि बिलासपुर से बनाए गए आरक्षित टिकट भदोही-प्रयागराज भेजे जाते थे। गिरफ्तार आरोपित टिकटों को ट्रेन या बस के माध्यम से प्रयागराज के लिए भेजते थे। इस नेटवर्क की जांच के दौरान पता चला कि यह काम बड़े पैमाने पर किया जा रहा था और यात्रियों से अतिरिक्त कमीशन वसूलने का भी सिस्टम था।
त्योहारी सीजन और ग्रीष्मकालीन अवकाश के मद्देनजर आरपीएफ पहले से ही सतर्क थी। इस दौरान टिकट दलालों की सक्रियता बढ़ जाती है और यात्रियों को कंफर्म बर्थ के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे आरक्षण केंद्रों की औचक जांच की जा रही थी और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय रखा गया था। सूचना के आधार पर अपराध गुप्तचर शाखा की टीम ने दबिश देकर जांजगीर-चांपा जिले के अमलीपाली निवासी रामचरण मन्नेवर को हाई कोर्ट आवासीय परिसर स्थित पीआरएस से गिरफ्तार किया। वहीं वायरलेस कॉलोनी निवासी शुभम रजक को रेलवे परिक्षेत्र स्थित पीआरएस से पकड़ा गया। दोनों आरोपितों के कब्जे से आगामी दिनों के दो टिकट सहित कुल 47 रेलवे आरक्षित काउंटर टिकट जब्त किए गए। इनकी कुल कीमत लगभग 1 लाख 64 हजार रुपये बताई जा रही है।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये बिलासपुर से टिकट बनाकर भदोही-प्रयागराज के रविंदर कुमार नामक व्यक्ति को भेजते थे। आरपीएफ ने आरोपितों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही रविंदर कुमार और अन्य संभावित सहयोगियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में टिकट दलाली का काम करते थे। प्रत्येक यात्री से 200 से 300 रुपये अतिरिक्त कमीशन वसूला जाता था। इस नेटवर्क के कारण आम यात्रियों को समय पर आरक्षित टिकट नहीं मिल रहे थे और उन्हें अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा था। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि आगामी दिनों में पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जाएगी। रेलवे क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आरपीएफ ने लगातार सतर्कता बढ़ा दी है। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि यदि कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत सूचना दें। गिरफ्तार आरोपियों की न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद रेलवे अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में आरपीएफ की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने यात्रियों को होने वाली संभावित ठगी और टिकट दलाली से बचाया है।