रायपुर बना देश का पहला शहर, 15 हजार ऑटो और ई-रिक्शा का हुआ डिजिटल पंजीयन
छग
Raipur. रायपुर। रायपुर शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। रायपुर पुलिस द्वारा शुरू किए गए ऑटो और ई-रिक्शा डिजिटल पंजीयन अभियान के तहत 15 दिनों में लगभग 15 हजार वाहनों का पंजीयन किया गया है। इसके साथ ही कमिश्नरेट रायपुर सार्वजनिक परिवहन में संचालित ऑटो और ई-रिक्शा वाहनों का व्यापक स्तर पर डिजिटल रजिस्ट्रेशन करने वाला देश का पहला शहर बन गया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के मार्गदर्शन में यह अभियान 20 मई 2026 से शुरू किया गया था, जिसकी निर्धारित अवधि 5 जून 2026 तक थी। अभियान के दौरान वाहन चालकों को घर बैठे क्यूआर कोड स्कैन कर निःशुल्क पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
इस प्रक्रिया में न तो किसी कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े और न ही किसी प्रकार का शुल्क देना पड़ा। यातायात एवं प्रोटोकॉल के प्रभारी डीसीपी विवेक शुक्ला के नेतृत्व में एसीपी यातायात सतीश कुमार ठाकुर, यातायात थाना प्रभारियों तथा ऑटो और ई-रिक्शा संघ के पदाधिकारियों ने अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यातायात पुलिस ने लगातार वाहन चालकों को जागरूक करते हुए पंजीयन के महत्व और आवश्यकता की जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभियान के दौरान लगभग 15 हजार ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने ऑनलाइन माध्यम से अपना पंजीयन कराया। इसके बाद पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सभी पंजीकृत आवेदनों को एक साथ अनुमोदित किया। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल रही, जिससे समय और संसाधनों की बचत हुई।
पंजीयन अवधि समाप्त होने के बाद ऑटो और ई-रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों ने कुछ वाहन चालकों के बाहर होने या अन्य कारणों से पंजीयन नहीं करा पाने की जानकारी देते हुए अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया। इस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए पुलिस कमिश्नर ने पंजीयन की समय सीमा में 7 दिन की अतिरिक्त वृद्धि कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि यह अतिरिक्त समय अंतिम अवसर के रूप में दिया गया है। इस अवधि में जो चालक पंजीयन से वंचित रह गए हैं, वे अनिवार्य रूप से अपना पंजीयन करा सकते हैं। इसके बाद केवल नए ऑटो और ई-रिक्शा वाहनों का पंजीयन पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल को आवेदन प्रस्तुत करने के आधार पर किया जाएगा। अभियान के अगले चरण में पंजीकृत ऑटो और ई-रिक्शा वाहनों पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा।
वाहन पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करने पर यात्रियों को वाहन मालिक और चालक की आवश्यक जानकारी प्राप्त हो सकेगी। इससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। यातायात पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे केवल उन्हीं ऑटो और ई-रिक्शा का उपयोग करें जिनमें अधिकृत क्यूआर कोड लगा हो। इससे यात्रियों को सुरक्षित और प्रमाणित परिवहन सेवा मिल सकेगी। साथ ही पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त 7 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद बिना पंजीयन वाले ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन शहर में अनुमति नहीं होगी। यदि कोई वाहन बिना पंजीयन के संचालित होता पाया गया तो उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। रायपुर पुलिस का यह अभियान स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन और डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे शहर की यातायात व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी तथा यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित होंगी।