छग कांग्रेस प्रकोष्ठ में नई नियुक्तियां, 27 जिलों में अध्यक्ष बनाए गए
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के असंगठित क्षेत्र एवं समस्या निवारण प्रकोष्ठ में संगठन विस्तार को लेकर नई नियुक्तियां की गई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की अनुमति और प्रदेश कांग्रेस महासचिव (प्रशासन) मलकीत सिंह गैदू के अनुमोदन के बाद प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों की सूची जारी की है। जारी सूची के अनुसार संगठन में एक प्रदेश उपाध्यक्ष, चार प्रदेश महासचिव, आठ प्रदेश सचिव और प्रदेश के 27 जिलों में अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इन नियुक्तियों को संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि वे कांग्रेस की नीतियों और विचारधारा के अनुरूप जनहित में कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र से जुड़े लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रकोष्ठ सक्रिय भूमिका निभाएगा और संगठन के मार्गदर्शन में कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। इन नियुक्तियों के माध्यम से पार्टी ने प्रदेशभर में अपनी संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है। खासतौर पर जिला स्तर पर नए अध्यक्षों की नियुक्ति से स्थानीय स्तर पर कार्यों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। रायपुर शहर अध्यक्ष की जिम्मेदारी जमीनी कार्यकर्ता करण जी राज को सौंपी गई है।
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पार्टी नेतृत्व ने उन्हें संगठन को मजबूती देने और शहर में कांग्रेस की गतिविधियों को सक्रिय बनाए रखने की जिम्मेदारी दी है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ लगातार आवाज उठाती रहेगी। प्रकोष्ठ के पदाधिकारी सड़क से लेकर सदन तक जनहित के मुद्दों को उठाएंगे और असंगठित क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से सामने लाएंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संगठन में इस तरह की नियुक्तियां आगामी कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण होती हैं। इससे पार्टी को जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने और संगठन को सक्रिय बनाए रखने में मदद मिलती है। प्रदेश कांग्रेस की इस पहल को संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इन नियुक्तियों का असर पार्टी की गतिविधियों और जनसंपर्क अभियानों में देखने को मिल सकता है।