Durg. दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों की खोई हुई संपत्ति वापस लौटाने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की तकनीकी दक्षता और लगातार किए गए प्रयासों के चलते जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से गुम हुए 200 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इन बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस नियंत्रण कक्ष, सेक्टर-06 दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग ने बरामद मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को विधिवत सौंपे। दुर्ग पुलिस द्वारा चलाए जा रहे मोबाइल रिकवरी अभियान का उद्देश्य नागरिकों की गुम हुई संपत्ति को वापस दिलाना और पुलिस तथा जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना है। इसी अभियान के तहत साइबर सेल और जिले के विभिन्न थाना-चौकी पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच और मैदानी प्रयासों के माध्यम से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन खोजने में सफलता हासिल की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल गुम होने की शिकायत मिलने के बाद प्रत्येक मामले की गंभीरता से जांच की गई। साइबर सेल द्वारा आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए मोबाइल की लोकेशन, उपयोगकर्ता गतिविधियों और तकनीकी डाटा का विश्लेषण किया गया। इसके साथ ही CEIR पोर्टल, दूरसंचार कंपनियों से समन्वय और अन्य जिलों एवं राज्यों की पुलिस इकाइयों की मदद से मोबाइल फोन की तलाश की गई। लंबी प्रक्रिया और लगातार फॉलोअप के बाद बरामद किए गए मोबाइलों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया। मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों के चेहरे पर खुशी नजर आई। कई लोगों ने बताया कि उन्हें अपने मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी, लेकिन दुर्ग पुलिस के प्रयासों से उनकी महत्वपूर्ण संपत्ति फिर से मिल सकी।
मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान नागरिकों ने दुर्ग पुलिस का आभार जताया। लोगों ने कहा कि मोबाइल फोन आज के समय में केवल संचार का साधन नहीं बल्कि निजी जानकारी, दस्तावेज, बैंकिंग और कई जरूरी सेवाओं से जुड़ा होता है। ऐसे में मोबाइल वापस मिलना उनके लिए काफी राहत की बात है। दुर्ग पुलिस ने बताया कि यह अभियान केवल गुम मोबाइल खोजने तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल पुलिसिंग की भावना को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का जल्द समाधान करना और पुलिस के प्रति लोगों के विश्वास को और मजबूत बनाना है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग और पुलिस टीमों के आपसी समन्वय से इस तरह की कार्रवाई संभव हो पाई है। साइबर अपराधों और डिजिटल चुनौतियों के दौर में पुलिस विभाग लगातार तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है।
इस अभियान में जिला साइबर सेल, सभी थाना एवं चौकी प्रभारी, विवेचना अधिकारी और मोबाइल रिकवरी अभियान से जुड़े पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीमों के समन्वित प्रयास, तकनीकी जानकारी और लगातार निगरानी के कारण बड़ी संख्या में मोबाइल बरामद कर लोगों को वापस किए जा सके। दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तत्काल संबंधित थाने, साइबर सेल या CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर सूचना मिलने से मोबाइल की ट्रैकिंग और बरामदगी की संभावना अधिक बढ़ जाती है। पुलिस ने लोगों को मोबाइल सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह भी दी है। नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने मोबाइल में स्क्रीन लॉक, मजबूत पासवर्ड, बायोमेट्रिक सुरक्षा और अन्य सुरक्षा फीचर्स का उपयोग करें। इसके अलावा मोबाइल में मौजूद महत्वपूर्ण जानकारियों का बैकअप भी सुरक्षित रखें। दुर्ग पुलिस की यह पहल पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल का उदाहरण बनकर सामने आई है। आम नागरिकों की खोई हुई संपत्ति वापस दिलाने के इस अभियान से लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इसी तरह जनहित से जुड़े अभियानों को प्राथमिकता देते हुए प्रभावी कार्रवाई जारी रखी जाएगी।