Dhamtari. धमतरी। बाल मधुमेह से प्रभावित बच्चों और उनके स्वजनों के लिए सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित रोगी सहायता समूह बैठक में उपचार, इंसुलिन प्रबंधन, स्कूल सहयोग और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में बच्चों को डायबिटीज प्रबंधन किट वितरित करते हुए विशेषज्ञों ने नियमित जांच, संतुलित आहार और समय पर उपचार को बेहतर जीवन के लिए जरूरी बताया।
जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं एमसीसीआर ट्रस्ट के तकनीकी सहयोग से रोगी सहायता समूह की बैठक आयोजित की गई। जिसमें जिले के 25 बाल मधुमेह मरीजों एवं 35 स्वजनों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने टाइप-वन डायबिटीज से प्रभावित बच्चों के लिए नियमित शुगर मानिटरिंग और समय पर इंसुलिन लेने पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महापौर रामू रोहरा ने बाल मधुमेह से प्रभावित बच्चों के लिए नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि बच्चों की बेहतर सेहत के लिए पौष्टिक आहार, संतुलित खानपान और नियमित शारीरिक गतिविधियों को दैनिक दिनचर्या में शामिल करना जरूरी है।
यूनिसेफ नई दिल्ली से एनसीडी सलाहकार डा. सोना देशमुख ने बच्चों में बढ़ते बाल मधुमेह के मामलों पर चिंता जताते हुए समय पर पहचान, नियमित उपचार और निरंतर फालो अप पर विशेष जोर दिया। जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डा. रविकिरण शिंदे ने इंसुलिन प्रबंधन, संक्रमण से बचाव और संतुलित आहार से जुड़ी जरूरी सावधानियों की जानकारी दी। वहीं शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों ने स्कूलों में सहयोगात्मक और संवेदनशील वातावरण की आवश्यकता बताते हुए कहा कि शिक्षकों और स्कूल प्रशासन की भूमिका बच्चों के आत्मविश्वास और सुरक्षित माहौल के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।