हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका, वैध मानी गई NEET-UG प्रथम चरण मेरिट लिस्ट – CGDME ने दी जानकारी

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Update: 2025-08-29 19:05 GMT
Raipur. रायपुर। NEET-UG काउंसलिंग 2025 से जुड़े एक अहम मामले में उच्च न्यायालय बिलासपुर ने बड़ा निर्णय सुनाया है। एक अभ्यर्थी द्वारा दायर याचिका में छत्तीसगढ़ निदेशालय चिकित्सा शिक्षा (CGDME) द्वारा दिए गए एडिट ऑप्शन को चुनौती दी गई थी। याचिका में दावा किया गया था कि एडिट ऑप्शन के तहत श्रेणी (कैटेगरी) और संवर्ग (क्वोटा) बदलने की सुविधा अमान्य है और इसके आधार पर 12 अगस्त को जारी हुई मेरिट लिस्ट को भी निरस्त किया जाए।

अदालत ने याचिका को किया खारिज
सुनवाई के दौरान CGDME ने न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखा। इसके उपरांत हाईकोर्ट बिलासपुर ने अभ्यर्थी की याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने साफ कहा कि CGDME द्वारा जारी मेरिट लिस्ट पूरी तरह वैध है और उसी के आधार पर किए गए सीट आवंटन की प्रक्रिया को मान्यता प्राप्त है। यह फैसला उन सभी छात्रों के लिए राहत की खबर है, जिन्होंने पहले चरण की काउंसलिंग में भाग लिया था।

प्रथम चरण की काउंसलिंग सम्पन्न
जानकारी के अनुसार, 23 अगस्त 2025 तक पहले चरण की काउंसलिंग की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इस चरण में राज्यभर से हजारों अभ्यर्थियों ने मेडिकल, डेंटल और फिजियोथैरेपी की सीटों के लिए हिस्सा लिया। आवंटन के बाद छात्रों को दस्तावेज सत्यापन और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया पूरी करने का अवसर दिया गया।

दूसरे चरण की काउंसलिंग आगे बढ़ी
इस बीच, केंद्रीय एजेंसी मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने ऑल इंडिया कोटे की काउंसलिंग के दूसरे चरण की तिथि आगे बढ़ा दी है। MCC के निर्णय का सीधा असर राज्य स्तरीय काउंसलिंग पर भी पड़ा है। पहले जहां छत्तीसगढ़ की काउंसलिंग का दूसरा चरण 27 अगस्त से शुरू होना था, अब इसे स्थगित कर दिया गया है। CGDME ने स्पष्ट किया कि 26 अगस्त को ही MCC द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के साथ नई सूचना उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित कर दी गई थी। दूसरे चरण और आगामी चरणों की नई समय-सारणी MCC के संशोधित निर्देश प्राप्त होते ही जारी कर दी जाएगी।

अभ्यर्थियों को वेबसाइट पर नज़र रखने की सलाह
CGDME ने सभी छात्रों और अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय-समय पर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट का अवलोकन करते रहें। नई तिथियों और संशोधित शेड्यूल की जानकारी ऑनलाइन ही उपलब्ध कराई जाएगी। CGDME ने यह भी दोहराया कि वर्तमान सत्र की पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया राज्य शासन की अधिसूचना दिनांक 16 जुलाई 2025 के तहत बनाई गई "छत्तीसगढ़ चिकित्सा, दंत चिकित्सा एवं भौतिक चिकित्सा (फिजियोथैरेपी) स्नातक प्रवेश नियम-2025" के अनुसार हो रही है। विभाग का कहना है कि काउंसलिंग पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से कराई जा रही है ताकि अधिकतम पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। काउंसलिंग प्रक्रिया से जुड़े विवादों और अफवाहों के बीच हाईकोर्ट का यह फैसला छात्रों के लिए स्पष्ट संकेत है कि प्रक्रिया विधिसम्मत है और किसी भी स्तर पर मेरिट लिस्ट या एडिट ऑप्शन को लेकर संदेह नहीं रह गया है।
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