Bilaspur. बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस ने लाखों रुपये के जेवर और नकदी चोरी के मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी और चोरी का सोना ठिकाने लगाने में शामिल फाइनेंस कंपनी के मैनेजर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान करीब 5 लाख रुपये का गला हुआ सोना और नगद राशि बरामद की है। यह मामला राजेंद्र नगर निवासी प्रशांत कुमार मिश्रा (34) की शिकायत पर दर्ज किया गया था। उन्होंने 2 अप्रैल को सिविल लाइन थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी माता चैन मिश्रा के चार सोने के कंगन और एक लाख रुपये नकद घर की अलमारी का ताला तोड़कर चोरी कर लिए गए हैं। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदिग्धों की तलाश तेज की।
जांच के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर आरोपी दीपक पटेल (19), निवासी ग्राम लोफंदी, नयापारा थाना कोनी को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। उसने बताया कि चोरी किए गए सोने के कंगनों को उसने फाइनेंस कंपनी में गिरवी रखकर लोन लिया था। मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि Manappuram Finance के मैनेजर आजम बेग (25), निवासी धरसीवा जिला रायपुर, वर्तमान में बंधवापारा सरकंडा में रह रहा था, इस पूरे मामले में शामिल है। आरोप है कि उसने यह जानते हुए भी कि कंगन चोरी के हैं, उन्हें स्वीकार किया और बाद में उन्हें गलाकर ठिकाने लगाने का प्रयास किया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के पास से गला हुआ सोना बरामद कर लिया। इसके साथ ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब उनसे अन्य चोरी की घटनाओं के संबंध में पूछताछ कर रही है, जिससे और मामलों का खुलासा होने की संभावना है। इस प्रकरण में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305, 331(4), 111, 317(2)(4)(5) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है और इसमें शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में चोरी के सामान को खरीदने या गिरवी रखने वालों की भी भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जा रही है, ताकि चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, जिससे अपराधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल चोरी की वारदात का खुलासा हुआ है, बल्कि चोरी के सामान को ठिकाने लगाने की प्रक्रिया में शामिल लोगों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस आगे भी इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।