Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सहायक संचालक मछली पालन विभाग के कार्यालय में रविवार शाम अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग से रिकॉर्ड रूम में रखे कई जरूरी दस्तावेज और पुराने सामान पूरी तरह जलकर राख हो गए। अधिकारियों ने आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार, आग की घटना केलो विहार रोड स्थित विभाग कार्यालय के रिकॉर्ड रूम में हुई। रविवार की शाम कुछ लोगों ने रिकॉर्ड रूम से धुआं उठता देखा। आसपास के लोगों ने तुरंत इसकी सूचना विभाग के अधिकारियों और पुलिस को दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। आग की लपटें काफी ऊँची उठ रही थीं और देखते ही लगता था कि आग तेजी से फैल रही है। दमकल विभाग की दो फायर ब्रिगेड गाड़ियों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। कड़ी मशक्कत और मेहनत के बाद करीब तीन घंटे में आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। आग की चपेट में आने से रिकॉर्ड रूम में रखे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर नष्ट हो गए। इसके अलावा पुराने एसी, कूलर और अन्य उपकरण भी खाक हो गए। घटना की वजह से विभाग में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों में चिंता की लहर दौड़ गई।
इस मामले में जिला सेनानी अधिकारी ब्लासियुज कुजूर ने बताया कि सूचना मिलने के तुरंत बाद दो फायर ब्रिगेड की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंची और आग को नियंत्रित किया गया। उन्होंने कहा कि रविवार होने के कारण कार्यालय बंद था, इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई। ASP अनिल सोनी ने भी बताया कि मछली पालन विभाग से आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों का पता तकनीकी जांच के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल, आग से हुए नुकसान का आकलन संबंधित विभाग द्वारा किया जा रहा है।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि आग से विभागीय कार्य प्रभावित नहीं होगा, लेकिन दस्तावेजों के नुकसान के कारण कुछ प्रक्रिया और रिकॉर्डिंग में देरी हो सकती है। अधिकारियों ने कर्मचारियों से सतर्क रहने और आवश्यक एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा के महत्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने आग लगने की संभावना को कम करने के लिए भविष्य में फायर अलार्म सिस्टम और आग बुझाने वाले उपकरणों की जांच और रखरखाव को और मजबूत करने का आश्वासन दिया है। आग लगने की घटना ने कर्मचारियों और अधिकारियों में सतर्कता बढ़ा दी है। आग बुझने के बाद विभागीय अधिकारी और कर्मचारी नुकसान का विस्तृत आकलन कर रहे हैं। तकनीकी जांच और नुकसान की समीक्षा पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।