दंतेवाड़ा पुलिस को बड़ी सफलता, 50 लाख की साइबर ठगी मामले में बिहार से दो आरोपी गिरफ्तार

छग

Update: 2025-12-28 13:53 GMT
Dantewada. दंतेवाड़ा। साइबर अपराध के लगातार बढ़ते मामलों के बीच दंतेवाड़ा पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। वर्ष 2023 में किरंदुल निवासी एक व्यक्ति से करीब 50 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने बिहार के पूर्वी और पश्चिमी चंपारण जिलों से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दंतेवाड़ा साइबर सेल, थाना कोतवाली दंतेवाड़ा और थाना किरंदुल की संयुक्त टीम द्वारा की गई। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित को फोन कॉल के माध्यम से झांसे में लिया। उन्होंने पीड़ित को बताया कि उसके नाम से एक पार्सल आया है, जिसमें विदेशी मुद्रा रखी हुई है। पार्सल को छुड़ाने के लिए आरोपियों ने कस्टम चार्ज, सीबीआई चार्ज और इनकम टैक्स के नाम पर अलग-अलग किस्तों में रकम जमा करने को कहा। पीड़ित उनके झांसे में आ गया और लगभग एक महीने के भीतर अलग-अलग बैंक खातों में करीब 50 लाख रुपये जमा कर दिए।

जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ, तब उसने थाना किरंदुल में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 420 तथा आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। जांच के दौरान दंतेवाड़ा साइबर सेल की टीम ने पीड़ित से विस्तृत पूछताछ कर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और लेन-देन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं। इसके बाद निरीक्षक धनंजय सिन्हा के नेतृत्व में दंतेवाड़ा, किरंदुल, गीदम और बचेली थाना क्षेत्रों की संयुक्त पुलिस टीम गठित की गई, जिसे आरोपियों की तलाश में बिहार रवाना किया गया। पुलिस टीम ने इस दौरान 100 से अधिक बैंक खातों के ट्रांजैक्शन का गहन विश्लेषण किया। अत्याधुनिक फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन एनालिसिस और साइबर फॉरेंसिक टूल्स की मदद से आरोपियों के नेटवर्क को ट्रेस किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल सुरागों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की और उन्हें बिहार से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

गिरफ्तार आरोपियों में अरविन्द कुमार (25 वर्ष), पिता दीपक चौधरी, निवासी बंगाली कॉलोनी, जिला पूर्वी चंपारण (बिहार) तथा विद्या कुमार (23 वर्ष), पिता राजेन्द्र साहनी, निवासी वार्ड क्रमांक 12, शिव मंदिर के पास, जौकटिया थाना मझौलिया, जिला पश्चिम चंपारण (बिहार) शामिल हैं। दोनों आरोपियों को दंतेवाड़ा लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में यह संकेत मिले हैं कि आरोपियों का नेटवर्क अन्य राज्यों में भी सक्रिय हो सकता है।
पुलिस
इस दिशा में आगे की जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है। दंतेवाड़ा जिला पुलिस द्वारा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी कॉल, पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर ठगी, ओटीपी और संदिग्ध लिंक शेयर करने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं और नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक धनंजय सिन्हा, सहायक उप निरीक्षक पंकज धर, उप निरीक्षक अनिल पामभोई सहित साइबर सेल और दंतेवाड़ा पुलिस के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस सफलता से साइबर अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है।
Tags:    

Similar News