गंगरेल हत्याकांड में बड़ा फैसला, आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास; CCTV से खुला राज
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Dhamtari धमतरी। गंगरेल मानव वन एवं शिवा रिसॉर्ट के बीच मिले शव के हत्या मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी खुशवंत उर्फ खूबू साहू को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
मामला दिसंबर 2024 का है। 3 दिसंबर 2024 को थाना सिहावा में पदमपुर निवासी 55 वर्षीय बीरेंद्र देवांगन के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। उसी दिन मानव वन के आगे गंगरेल रोड किनारे एक लावारिस मोटरसाइकिल मिलने की सूचना पर रूद्री पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में मोटरसाइकिल बीरेंद्र देवांगन की होने की पुष्टि हुई। गुमशुदा की तलाश के दौरान 6 दिसंबर 2024 को मानव वन और शिवा रिसॉर्ट के बीच एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ। बाद में उसकी पहचान बीरेंद्र देवांगन के रूप में हुई। पोस्टमार्टम और शव पंचनामा के आधार पर हत्या की आशंका के बाद रूद्री पुलिस और साइबर टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इस दौरान आरोपी खुशवंत उर्फ खूबू साहू, उम्र 37 वर्ष, निवासी धनोरा, जिला दुर्ग को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर उसकी संलिप्तता स्थापित हुई। पुलिस के अनुसार, पुरानी रंजिश के चलते आरोपी ने हेलमेट से सिर पर वार कर बीरेंद्र की हत्या की थी। 27 अगस्त 2026 को अपर सत्र न्यायालय/द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश, धमतरी ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य, CCTV फुटेज और गवाहों के आधार पर आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत दोषी ठहराया। प्रभावी विवेचना के लिए तत्कालीन विवेचना अधिकारियों को पुलिस अधीक्षक धमतरी द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।