Khairagarh. खैरागढ़। जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम और आम नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा साइबर जागृति अभियान लगातार प्रभावी रूप से जारी है। अभियान के तहत जिले के हर कोने में पहुंचकर पुलिस टीमों ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के निर्देशन में 22 अगस्त 2026 को जिले के सभी थाना क्षेत्रों में व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों, स्कूलों, छात्रावासों और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस टीमों ने पहुंचकर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। इस अभियान के माध्यम से लगभग 2000 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और नागरिकों को ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचने के तरीकों की जानकारी दी गई।
ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों से कराया अवगत
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने लोगों को बढ़ते साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से बताया। इसमें ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, OTP ठगी, UPI और बैंकिंग धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया अपराध, साइबर ब्लैकमेलिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों के तरीके शामिल रहे। पुलिस टीमों ने बताया कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सावधानी और सतर्कता रखना बेहद जरूरी है।
पुलिस ने दिए सुरक्षा के जरूरी टिप्स
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने नागरिकों को साइबर अपराधों से बचने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। पुलिस ने बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, पासवर्ड और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध एप्लीकेशन डाउनलोड करने से बचें। बैंकिंग या UPI से संबंधित संदिग्ध कॉल और मैसेज पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें। सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा सेटिंग्स को मजबूत रखें। डिजिटल अरेस्ट जैसी धमकियों से डरकर किसी भी व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर न करें। साइबर ठगी होने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस और साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश
साइबर जागृति अभियान की खास बात यह रही कि इसे केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखा गया। पुलिस टीमों ने जिले के दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों तक पहुंचकर लोगों को जागरूक किया। स्कूलों और छात्रावासों में विद्यार्थियों को विशेष रूप से बताया गया कि इंटरनेट और सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग कैसे किया जाए। शिक्षकों और नागरिकों से भी अपील की गई कि वे अपने आसपास के लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करें। पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए केवल तकनीकी जानकारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सतर्कता और जागरूकता सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
सामूहिक प्रयास से रुकेगा साइबर अपराध
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। यदि नागरिक समय रहते सावधानी बरतें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस को दें तो साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम में जागरूकता और सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। साइबर जागृति अभियान के माध्यम से जिले के अधिक से अधिक लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने का प्रयास लगातार जारी रहेगा। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करें।
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