Raipur. रायपुर। प्रदेश में आज छत्तीसगढ़ के अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर और शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ में नए कुलपतियों की नियुक्ति की घोषणा की गई है। राज्यपाल ने संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति के आदेश पारित कर दिए हैं। राजभवन के आदेश के अनुसार, शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ के कुलपति के पद पर प्रोफेसर विनय चौहान को नियुक्त किया गया है। प्रोफेसर विनय चौहान वर्तमान में जम्मू विश्वविद्यालय, जम्मू एवं कश्मीर (UT) के बिजनेस स्कूल के डायरेक्टर हैं। नियुक्ति छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 (क्रमांक 22, सन् 1973) की धारा 13 की उपधारा (1) के तहत राज्यपाल और कुलाधिपति द्वारा की गई है। प्रोफेसर विनय चौहान का कार्यकाल, उपलब्धियाँ और सेवा शर्तें उक्त अधिनियम और संबंधित नियमों के अनुसार होंगी।
वहीं, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर के कुलपति के पद पर शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ के वर्तमान कुलपति प्रोफेसर डॉ. ललित कुमार पटेरिया को नियुक्त किया गया है। उन्हें भी संबंधित अधिनियम और नियमों के प्रावधानों के अनुसार कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से कुलपति नियुक्त किया गया है। प्रोफेसर डॉ. ललित कुमार पटेरिया का कार्यकाल, उपलब्धियाँ और सेवा शर्तें भी विश्वविद्यालय अधिनियम एवं नियमों के अनुसार निर्धारित होंगी। राजभवन ने इस नियुक्ति के पीछे छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा 13 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग किया है, जो राज्यपाल को विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के रूप में नियुक्ति करने का अधिकार देती हैं। इस प्रक्रिया के तहत कुलपतियों का चयन उनकी शैक्षणिक योग्यताओं, अनुभव और प्रशासनिक क्षमताओं के आधार पर किया जाता है। नए कुलपतियों की नियुक्ति से दोनों विश्वविद्यालयों में शिक्षा और प्रशासन में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर और शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ दोनों ही राज्य के प्रमुख शैक्षणिक संस्थान हैं, जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। प्रोफेसर विनय चौहान और प्रोफेसर डॉ. ललित कुमार पटेरिया दोनों ही अपने-अपने क्षेत्र में प्रतिष्ठित शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुभव रखते हैं। उनका कार्यकाल विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा सकता है। राजभवन ने बताया कि कुलपतियों के चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और अधिनियम के अनुसार की गई है। इससे विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी। नए कुलपतियों के कार्यभार ग्रहण करने के बाद विश्वविद्यालयों में शिक्षा गुणवत्ता, शोध कार्यों, विद्यार्थियों के विकास और समग्र प्रशासनिक सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, विश्वविद्यालयों के विकास और नई योजनाओं के कार्यान्वयन में भी ये कुलपति निर्णायक भूमिका निभाएंगे। इस नियुक्ति के साथ ही छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में प्रशासनिक स्थिरता और नेतृत्व का नया दौर शुरू होने की संभावना है। राज्यपाल ने उम्मीद जताई है कि नए कुलपति विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक उत्कृष्टता और प्रशासनिक कुशलता की ओर अग्रसर करेंगे।