Rajnandgaon. राजनांदगांव। जिले के गैंदाटोला थाना पुलिस ने फर्जी तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट कर बेचने वाले फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बड़ी संख्या में बिना एक्टिवेट सिम कार्ड, मोबाइल फोन, बायोमैट्रिक फिंगर प्रिंट मशीन और नकदी बरामद की है। आरोपी पर फर्जी सिम के माध्यम से धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनीष शांडिल्य पिता सुरेश शांडिल्य उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम बम्हनीभाठा, थाना डोंगरगांव, जिला राजनांदगांव के रूप में हुई है। आरोपी जीवो कंपनी में काम करता था और इसी दौरान मिली सुविधाओं एवं जानकारी का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट कर उन्हें अन्य लोगों को बेचकर अवैध धन अर्जित करता था।
मामला गैंदाटोला थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक पोखन मोबाइल पीओएस संचालक गैंदाटोला की शिकायत पर फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट कर बेचने और धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया था। शिकायत के आधार पर थाना गैंदाटोला में अपराध क्रमांक 14/2025 धारा 318(4), 61(2) बीएनएस और 66(सी) आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। वहीं, प्रकरण का एक अन्य आरोपी मनीष कुमार शांडिल्य घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस डोंगरगांव मंजूलता बाज के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी गैंदाटोला राजेश कुमार साहू के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की। इसी दौरान आरोपी के सोमनी क्षेत्र में मौजूद होने की जानकारी मिली। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी मनीष शांडिल्य को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेशन और बिक्री से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे किए। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, 800 नग बिना एक्टिवेट जियो सिम कार्ड, दो बायोमैट्रिक फिंगर प्रिंट मशीन और 25 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी के पास से ओप्पो कंपनी का मोबाइल, जिसमें सिम नंबर 6265726332 लगा हुआ था, नीले रंग का रियलमी मोबाइल, 238 नग जियो कंपनी के ब्लैंक सिम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक ऑफ बड़ौदा पासबुक, एचडीएफसी बैंक पासबुक, छह चेक बुक और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सिम कार्ड एक्टिवेट करने की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी का गलत इस्तेमाल कर रहा था। वह फर्जी तरीके से सिम कार्ड तैयार कर उन्हें अन्य व्यक्तियों को बेचता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल किन-किन गतिविधियों में किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी मनीष कुमार शांडिल्य को विधिवत न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों और फर्जी सिम कार्ड के जरिए की गई धोखाधड़ी की घटनाओं की जांच कर रही है।
राजनांदगांव पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अपने नाम से जारी मोबाइल सिम, बैंक खाते और बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को न दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सिम के दुरुपयोग की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार साहू के नेतृत्व में गैंदाटोला थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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