बेगूसराय में स्कूल के पीछे खेत में मिला शव, ईंट-पत्थर से चेहरा कुचलने की आशंका
बेगूसराय। बिहार के बेगूसराय जिले में रविवार सुबह एक शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मंझौल थाना क्षेत्र के पंचायत एक कमला वार्ड स्थित सरकारी विद्यालय के पीछे खेत में शव पड़ा देखकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मृतक का चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त मिला है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि चेहरे को ईंट-पत्थर से कुचला गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए बेगूसराय के एसपी मनीष कुमार भी मौके पर पहुंचे और जांच की जानकारी ली।
रविवार अहले सुबह स्थानीय लोगों की नजर सरकारी विद्यालय के पीछे स्थित खेत में पड़े शव पर पड़ी। खबर आसपास के क्षेत्र में तेजी से फैल गई और देखते ही देखते घटनास्थल पर ग्रामीणों की बड़ी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने तत्काल मंझौल थाना पुलिस को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही मंझौल थाना पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और इलाके को सुरक्षित कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए चेरिया बरियारपुर और बखरी डीएसपी के साथ प्रभारी डीएसपी मंझौल भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आसपास मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई।
बुरी तरह क्षतिग्रस्त मिला चेहरा
शव की स्थिति देखकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। मृतक का चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त पाया गया। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हुआ कि ईंट या पत्थर जैसी भारी वस्तु से चेहरे पर वार किए गए हों। हालांकि मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
चेहरा क्षतिग्रस्त होने के कारण मृतक की तत्काल पहचान में भी परेशानी हो सकती है। पुलिस आसपास के थाना क्षेत्रों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर मृतक की पहचान स्थापित करने का प्रयास कर सकती है।
पुलिस इस संभावना की भी जांच करेगी कि चेहरे को क्षतिग्रस्त करने के पीछे मृतक की पहचान छिपाने का उद्देश्य तो नहीं था। फिलहाल जांच पूरी होने से पहले इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
एसपी मनीष कुमार पहुंचे घटनास्थल
घटना की जानकारी मिलने के बाद बेगूसराय के एसपी मनीष कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस ने घटनास्थल से संभावित साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
एसपी के घटनास्थल पर पहुंचने से साफ है कि पुलिस मामले को गंभीरता से लेकर जांच कर रही है। घटनास्थल से मिलने वाले छोटे से छोटे साक्ष्य को भी सुरक्षित करने पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मौत की परिस्थितियों और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस आसपास के इलाके में पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि शनिवार रात या रविवार तड़के किसी ने कोई संदिग्ध गतिविधि देखी या नहीं।
खेत में ही हत्या हुई या कहीं और, जांच का विषय
पुलिस के सामने एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि व्यक्ति की मौत उसी खेत में हुई या वारदात को किसी दूसरी जगह अंजाम देने के बाद शव यहां लाकर फेंका गया। घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच से इस सवाल का जवाब मिलने में मदद मिल सकती है।
यदि मौके पर संघर्ष के निशान, खून या हत्या में इस्तेमाल की गई संभावित वस्तु मिलती है तो इससे जांच को दिशा मिल सकती है। दूसरी ओर यदि ऐसे साक्ष्य नहीं मिलते हैं तो शव को कहीं और से लाकर फेंके जाने की संभावना की भी जांच की जा सकती है।
घटनास्थल और आसपास के रास्तों की भी जांच महत्वपूर्ण होगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि खेत तक पहुंचने के लिए किन रास्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है और रात में वहां किसी वाहन की आवाजाही हुई थी या नहीं।
मृतक की पहचान पहली प्राथमिकता
जांच में पुलिस की पहली प्राथमिकताओं में मृतक की पहचान करना शामिल होगा। पहचान होने के बाद पुलिस उसके परिवार, दोस्तों और परिचितों से संपर्क कर उसकी हालिया गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा सकेगी।
यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि मृतक आखिरी बार कब और किसके साथ देखा गया था। उसका किसी व्यक्ति के साथ विवाद था या नहीं और घटना से पहले उसकी किन लोगों से बातचीत हुई थी, इन पहलुओं की भी जांच हो सकती है।
मोबाइल फोन या अन्य व्यक्तिगत सामान मिलने की स्थिति में उससे भी मृतक की पहचान और उसके संपर्कों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल सकती है पुलिस
सरकारी विद्यालय और घटनास्थल के आसपास यदि सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो उनकी फुटेज भी पुलिस जांच के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। आसपास की दुकानों, मकानों या मुख्य सड़कों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग से रात के समय संदिग्ध व्यक्तियों या वाहनों की आवाजाही का पता लगाया जा सकता है।
पुलिस घटना के संभावित समय का अनुमान लगाने के बाद उस अवधि की फुटेज पर विशेष ध्यान दे सकती है। इसके साथ मोबाइल सर्विलांस और अन्य तकनीकी साधनों का इस्तेमाल भी जरूरत के अनुसार किया जा सकता है।
ग्रामीणों की उमड़ी भीड़
खेत में शव मिलने की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों के लोग घटनास्थल पर पहुंचने लगे। कुछ ही समय में बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जमा हो गए। पुलिस को जांच के दौरान घटनास्थल को सुरक्षित रखने के लिए भीड़ को दूर करना पड़ा।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय और कई तरह की चर्चाएं हैं। जिस जगह शव मिला है, उसके पास सरकारी विद्यालय होने के कारण भी लोगों में चिंता देखी गई। पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने और जांच में सहयोग करने की अपेक्षा की है।
पोस्टमार्टम से खुलेंगे कई राज
शव को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का वास्तविक कारण, अनुमानित समय और शरीर पर मौजूद चोटों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
चेहरे पर मिली चोटों के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोट के निशान हैं या नहीं, इसकी जानकारी पोस्टमार्टम से स्पष्ट होगी। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि मृतक के साथ वारदात के दौरान क्या हुआ था।
पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का मिलान कर जांच को आगे बढ़ाएगी। मृतक की पहचान होने के बाद उसके हालिया संपर्कों और गतिविधियों की पड़ताल भी महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल मंझौल थाना पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। पुलिस के सामने मृतक की पहचान करने, मौत की वजह का पता लगाने और घटना में शामिल संभावित लोगों तक पहुंचने की चुनौती है। रविवार सुबह खेत में शव मिलने और चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त पाए जाने से इलाके में सनसनी बनी हुई है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।