बिहार

श्रावणी मेले को लेकर मुजफ्फरपुर में बदला ट्रैफिक प्लान, 17 अगस्त को इस रास्ते पर रहेगी रोक

Kavita2
16 Aug 2026 9:30 AM IST
श्रावणी मेले को लेकर मुजफ्फरपुर में बदला ट्रैफिक प्लान, 17 अगस्त को इस रास्ते पर रहेगी रोक
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मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर में श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। सोमवारी पर 17 अगस्त को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मुजफ्फरपुर ट्रैफिक पुलिस ने शहर में नई यातायात व्यवस्था लागू की है। इसके तहत मधौल लिची स्टैचू से रामदयालु गुमटी की ओर जाने वाले रास्ते को वाहनों के लिए बंद रखा जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुविधा के लिए वाहनों की पार्किंग के स्थान भी चिह्नित किए गए हैं।

श्रावण के पवित्र महीने में मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। विशेष रूप से सोमवारी के दिन श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। कांवरिया और अन्य श्रद्धालु अलग-अलग इलाकों से मंदिर पहुंचते हैं। ऐसे में शहर की प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना रहती है। इसी को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने पहले से तैयारी करते हुए कई मार्गों पर यातायात को नियंत्रित करने का फैसला किया है।

17 अगस्त की सोमवारी पर भारी भीड़ की संभावना के कारण मधौल लिची स्टैचू से रामदयालु गुमटी की ओर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। इस मार्ग पर श्रद्धालुओं और कांवरियों की आवाजाही अधिक रहने की संभावना है। वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने से श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ने में सुविधा होगी और किसी तरह की अव्यवस्था या जाम की स्थिति को रोकने में मदद मिलेगी।

ट्रैफिक पुलिस की ओर से शहर में आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल भी चिह्नित किए गए हैं। इसका उद्देश्य मंदिर और कांवरिया मार्ग के आसपास वाहनों की अनियंत्रित पार्किंग को रोकना है। निर्धारित स्थानों पर वाहन खड़े कराने से मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव कम किया जा सकेगा। ट्रैफिक पुलिस की टीम महत्वपूर्ण चौक-चौराहों और डायवर्जन वाले स्थानों पर तैनात रहेगी।

श्रावणी मेले के दौरान बाबा गरीबनाथ मंदिर मुजफ्फरपुर में आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहलेजा घाट सहित विभिन्न स्थानों से गंगाजल लेकर पैदल बाबा गरीबनाथ के दरबार में पहुंचते हैं। कांवरियों की लंबी कतार शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरती है। इस कारण शनिवार रात से लेकर सोमवार तक कई इलाकों में सामान्य दिनों की तुलना में यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए कांवरिया मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करना आवश्यक हो जाता है। खासतौर पर ऐसे रास्तों पर जहां बड़ी संख्या में कांवरिया पैदल चलते हैं, वहां भारी वाहनों और सामान्य ट्रैफिक की मौजूदगी परेशानी पैदा कर सकती है। इसी कारण पुलिस प्रशासन ने कुछ रास्तों को बंद रखने और जरूरत के अनुसार वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकालने की व्यवस्था की है।

सोमवारी को बाबा गरीबनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगने की संभावना है। कई श्रद्धालु रविवार रात से ही मंदिर की ओर पहुंचना शुरू कर देंगे। इसे देखते हुए यातायात पुलिस के साथ स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमों को भी सतर्क रहने की जरूरत होगी। भीड़ बढ़ने पर प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा सकती है।

नई यातायात व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को परेशानी से बचाने के साथ शहर के नियमित यातायात को भी यथासंभव सुचारू बनाए रखना है। श्रावणी मेले में बड़ी संख्या में बाहरी जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग मुजफ्फरपुर आते हैं। ऐसे में निजी वाहनों, बसों, ऑटो और अन्य यात्री वाहनों की संख्या बढ़ जाती है। अगर वाहनों को बिना किसी योजना के मुख्य मार्गों पर प्रवेश दिया जाए तो लंबे जाम की स्थिति बन सकती है।

ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से निर्धारित मार्गों और पार्किंग व्यवस्था का पालन करने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन लेकर जाने का प्रयास न करें और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। इससे श्रद्धालुओं के साथ आम नागरिकों को भी आवागमन में आसानी होगी।

श्रद्धालुओं को भी भीड़ वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कांवरिया मार्ग पर चलते समय निर्धारित रास्ते का उपयोग करने और अनावश्यक रूप से सड़क पर रुकने से बचने से व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। बच्चों और बुजुर्गों के साथ आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि सोमवारी पर भीड़ काफी अधिक हो सकती है।

बाबा गरीबनाथ मंदिर को बिहार के प्रमुख शिव मंदिरों में गिना जाता है। सावन के दौरान यहां होने वाला श्रावणी मेला मुजफ्फरपुर के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। हर सोमवारी को बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। सावन के विशेष अवसरों पर मंदिर और आसपास के इलाके में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है।

17 अगस्त को होने वाली सोमवारी के लिए पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता भीड़ प्रबंधन, सुरक्षित कांवर यात्रा और सुचारू यातायात बनाए रखने की है। मधौल लिची स्टैचू से रामदयालु गुमटी की ओर रास्ता बंद रहने के कारण इस क्षेत्र से गुजरने वाले वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग अपनाना होगा।

पुलिस की ओर से चिह्नित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने से मंदिर के आसपास अनावश्यक वाहनों की भीड़ को रोका जा सकेगा। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है। ऐसे में सोमवार को घर से निकलने वाले लोगों को बदली हुई ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखकर अपनी यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई है, ताकि उन्हें रास्ते में परेशानी का सामना न करना पड़े।

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