पटना। भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सुरक्षा और सीमा प्रबंधन के विभिन्न मुद्दों को लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ हॉल में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। इस दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। बैठक में भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा, सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और अवैध गतिविधियों की रोकथाम सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों की ओर से भारत-नेपाल सीमा से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इसमें सीमा सुरक्षा और सीमा प्रबंधन की मौजूदा व्यवस्था के साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी तरीके से रोक लगाने से जुड़े विषय शामिल रहे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बैठक में कहा कि भारत की सुरक्षा सर्वोच्च जिम्मेदारी है। भारत-नेपाल सीमा की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और प्रबंधन की व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को रोकने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है।मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सीमा बल (SSB), बिहार पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमा से जुड़े मामलों में अलग-अलग एजेंसियों के बीच सूचनाओं और आवश्यक जानकारियों का समय पर आदान-प्रदान होना चाहिए, ताकि किसी भी अवैध गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सीमावर्ती इलाकों की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा जाए। इसके साथ ही किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि की जानकारी मिलने पर संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ आवश्यक कदम उठाएं।भारत-नेपाल सीमा से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के दौरान सीमा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बैठक में मौजूदा व्यवस्थाओं और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत करना जरूरी है और इसके लिए सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को अपनी जिम्मेदारी के अनुसार सक्रियता से काम करना होगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों को रोकना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए SSB, बिहार पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीमा सुरक्षा से जुड़े मामलों में नियमित संपर्क और समन्वय बनाए रखा जाए।बैठक में सीमा सुरक्षा के साथ सीमा प्रबंधन से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से विचार किया गया। सीमावर्ती इलाकों में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने और अवैध गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए मौजूदा व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों की प्रस्तुति के आधार पर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों और राज्य पुलिस को लगातार सतर्क रहना होगा। उन्होंने कहा कि आपसी तालमेल से काम करने पर सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी की मौजूदगी में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सुरक्षा विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य फोकस सीमा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, बेहतर सीमा प्रबंधन सुनिश्चित करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर रहा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय को और मजबूत करें। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जानी चाहिए। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाली किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि SSB, बिहार पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर सीमा सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़े विषयों पर काम करें। बेहतर समन्वय और सतर्कता के जरिए सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने के साथ अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के प्रयासों को प्रभावी बनाया जाए।