पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को गृह विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में 58 हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों को राज्य के विभिन्न जिलों के प्रमुख मार्गों पर तैनात किया जाएगा। इसका उद्देश्य हाईवे पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के साथ सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और जरूरत पड़ने पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है।नए पेट्रोलिंग वाहनों के जरिए प्रमुख सड़कों और हाईवे पर नियमित निगरानी की जाएगी। सड़क हादसे या किसी अन्य आपात स्थिति में पुलिस की प्रतिक्रिया को तेज करने में भी इन वाहनों की भूमिका रहेगी। सरकार का जोर प्रमुख मार्गों पर पुलिस पेट्रोलिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर है।
58 वाहनों को रवाना करने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दानापुर के रामजीचक स्थित राजकीय मध्य विद्यालय का भी दौरा किया। यहां उन्होंने अभिभावक-शिक्षक बैठक यानी PTM में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने स्कूल में मौजूद शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से बातचीत की तथा विद्यालय की गतिविधियों की जानकारी ली।रामजीचक के राजकीय मध्य विद्यालय में 26 सितंबर को ‘मेरे सपनों का भारत : सेवा चित्र’ प्रतियोगिता के आयोजन की भी योजना थी। यह कार्यक्रम सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित किया गया। इसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था।
इस बीच बिहार सरकार और गया जिला प्रशासन ने गयाजी में आयोजित पितृ पक्ष मेला 2026 के लिए भी सुरक्षा और सुविधाओं के विशेष इंतजाम किए हैं। विश्व प्रसिद्ध पितृ पक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए इस बार परंपरागत व्यवस्थाओं के साथ तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।मेले में खास तौर पर बच्चों की सुरक्षा के लिए QR कोड आधारित रिस्टबैंड की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन के मुताबिक, बच्चों को दिए जाने वाले सुरक्षा बैंड उनके अभिभावकों के मोबाइल नंबर से जुड़े रहेंगे। भीड़ में कोई बच्चा अपने परिवार से बिछड़ जाता है तो इस व्यवस्था के जरिए परिवार तक जल्द सूचना पहुंचाने और बच्चे को उसके परिजनों से मिलाने में मदद मिलेगी।
QR कोड वाले बैंड में परिवार से जुड़ी जरूरी संपर्क जानकारी उपलब्ध रहेगी। इसे स्कैन करके संबंधित बच्चे के परिजनों से संपर्क करने में मदद मिल सकेगी। पिछले मेले के दौरान भीड़ में बच्चों के परिवार से अलग होने के मामलों को देखते हुए इस बार तकनीक आधारित व्यवस्था पर जोर दिया गया है।पितृ पक्ष मेले में भाषा की समस्या दूर करने के लिए भी नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। मेला क्षेत्र के ‘May I Help You’ काउंटरों पर AI आधारित गूगल ट्रांसलेटर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसका उद्देश्य दूसरे राज्यों और विदेशों से आने वाले ऐसे श्रद्धालुओं की सहायता करना है जिन्हें हिंदी समझने या बोलने में परेशानी होती है।
इस सुविधा के जरिए अलग-अलग भाषा बोलने वाले श्रद्धालुओं को उनकी भाषा में जरूरी जानकारी देने का प्रयास किया जाएगा। इससे रास्तों, आवास, धार्मिक स्थलों और दूसरी आवश्यक सेवाओं की जानकारी हासिल करने में भाषा बाधा नहीं बनेगी।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ‘पिंडदान गया जी’ नाम से मोबाइल ऐप और समर्पित वेबसाइट भी तैयार की गई है। इसके जरिए पिंडदान वेदियों, आवास, परिवहन, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं और आपात सेवाओं से संबंधित जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही है।
मोबाइल ऐप में पुलिस, अस्पताल, एंबुलेंस और अन्य हेल्पलाइन नंबरों तक तुरंत पहुंचने की सुविधा भी शामिल है। इसके अलावा डिजिटल खोया-पाया प्रणाली को जोड़ा गया है, जिसके माध्यम से किसी व्यक्ति के लापता होने की सूचना दी जा सकती है और मिले हुए व्यक्ति के बारे में जानकारी साझा की जा सकती है।प्रशासन ने एक चैटबॉट की व्यवस्था भी की है। इसके जरिए श्रद्धालु आवास, आपातकालीन संपर्क और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ऐप और वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण, फीडबैक और शिकायत दर्ज करने की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं को रेलवे और हवाई संपर्क, पार्किंग, स्थानीय परिवहन और किराए से जुड़ी जानकारी भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इसके साथ शौचालय, पेयजल केंद्र, पुलिस शिविर और स्वास्थ्य शिविरों के स्थान की जानकारी भी ऐप के माध्यम से मिल सकती है।पितृ पक्ष मेला गयाजी के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में शामिल है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान और तर्पण करने पहुंचते हैं। 2026 का मेला 25 सितंबर से शुरू हुआ है और 10 अक्टूबर तक चलेगा।
बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, साफ-सफाई और डिजिटल सुविधाओं पर विशेष जोर दिया है। मेला क्षेत्र को व्यवस्थित रखने के साथ श्रद्धालुओं तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया गया है।एक तरफ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के प्रमुख मार्गों पर पुलिस पेट्रोलिंग मजबूत करने के लिए 58 नए हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों को रवाना किया है, वहीं दूसरी ओर पितृ पक्ष मेले में QR सुरक्षा बैंड, डिजिटल खोया-पाया प्रणाली, मोबाइल ऐप और AI आधारित अनुवाद जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। इन पहलों के जरिए राज्य सरकार और प्रशासन सड़क सुरक्षा से लेकर बड़े धार्मिक आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा तक तकनीक आधारित व्यवस्थाओं को आगे बढ़ा रहे हैं।