नीदरलैंड्स पहुंचीं मैथिली ठाकुर, इंडिया हाउस में बिहार की संस्कृति और लोकगीतों की चर्चा
पटना। प्रसिद्ध लोक गायिका और भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर इन दिनों नीदरलैंड्स के दौरे पर हैं। वह नीदरलैंड्स के रॉटरडैम में आयोजित ‘Eindeloos India Festival’ में सांस्कृतिक प्रस्तुति देने पहुंची हैं। यह फेस्टिवल भारतीय कला, संगीत और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने वाला सांस्कृतिक आयोजन है। 26 सितंबर को रॉटरडैम के ‘de Doelen’ में आयोजित फेस्टिवल में मैथिली ठाकुर की प्रस्तुति भी निर्धारित है।
नीदरलैंड्स पहुंचने के बाद मैथिली ठाकुर ‘इंडिया हाउस’ पहुंचीं। यहां नीदरलैंड्स में भारत के राजदूत कुमार तुहिन ने उनका और उनके परिवार का स्वागत किया। भारतीय राजदूत की ओर से बिहार से पहुंचे प्रतिनिधिमंडल और मैथिली ठाकुर के सम्मान में विशेष शाम का आयोजन किया गया था। इस दौरान भारतीय संस्कृति और खास तौर पर बिहार की लोक परंपराओं को लेकर चर्चा हुई।
मैथिली ठाकुर ने वहां मौजूद लोगों को बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और लोकगीतों से परिचित कराया। उन्होंने लोकगीतों के पीछे छिपे भाव और सामाजिक संदर्भ के बारे में भी जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक ‘चैती’ लोकगीत की प्रस्तुति दी।
इंडिया हाउस में हुआ स्वागत
नीदरलैंड्स पहुंचने के बाद इंडिया हाउस में मैथिली ठाकुर और उनके परिवार का स्वागत किया गया। भारत के राजदूत कुमार तुहिन ने बिहार से पहुंचे प्रतिनिधिमंडल के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया।
इस मुलाकात के दौरान बिहार की कला और संस्कृति पर बातचीत हुई। मैथिली ठाकुर ने बिहार के लोकसंगीत की विशेषताओं और उससे जुड़े भावों के बारे में बताया।
मैथिली ठाकुर लंबे समय से मैथिली, भोजपुरी और हिंदी सहित विभिन्न भाषाओं में लोक और भक्ति संगीत की प्रस्तुति देती रही हैं। नीदरलैंड्स के इस दौरे में भी उनका फोकस भारतीय लोक संगीत को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने पर है।
बिहार की लोक संस्कृति की चर्चा
इंडिया हाउस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बिहार की सांस्कृतिक विरासत विशेष रूप से चर्चा में रही। मैथिली ठाकुर ने बताया कि लोकगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनमें समाज, परिवार, रिश्तों और जीवन के अलग-अलग अनुभवों की अभिव्यक्ति होती है।
उन्होंने कार्यक्रम में पारंपरिक ‘चैती’ लोकगीत प्रस्तुत किया। इसके साथ उन्होंने गीत के भाव के बारे में भी जानकारी दी। यह गीत विवाह के बाद बेटी के जीवन में आने वाले बदलाव और मायके से दूर होने की भावनाओं को व्यक्त करता है।
विदेश में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से बिहार के पारंपरिक लोकसंगीत और उससे जुड़े भावों को लोगों के सामने रखने का अवसर मिला।
Eindeloos India Festival में देंगी प्रस्तुति
मैथिली ठाकुर नीदरलैंड्स में ‘Eindeloos India Festival’ में प्रस्तुति के लिए पहुंची हैं। यह फेस्टिवल 26 सितंबर को रॉटरडैम के प्रसिद्ध सांस्कृतिक केंद्र de Doelen में आयोजित है। आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक मैथिली ठाकुर का कॉन्सर्ट शाम 7:30 बजे से रात 9 बजे तक निर्धारित है।
फेस्टिवल में भारतीय शास्त्रीय, लोक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े कई कार्यक्रम रखे गए हैं। संगीत के साथ नृत्य, फिल्म, कला प्रदर्शनी, मेहंदी, ध्यान, कथक और पारंपरिक चित्रकला जैसी गतिविधियां भी इसका हिस्सा हैं।
इस बार फेस्टिवल का चौथा संस्करण आयोजित किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य भारतीय प्रदर्शन कलाओं और रॉटरडैम की समकालीन शहरी संस्कृति को एक मंच पर लाना है।
पहली बार नीदरलैंड्स में प्रस्तुति
फेस्टिवल के आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक यह मैथिली ठाकुर की नीदरलैंड्स में पहली प्रस्तुति है। आयोजकों ने उन्हें भारतीय लोक, भक्ति और शास्त्रीय संगीत की प्रमुख युवा आवाजों में शामिल बताया है। वह सात सदस्यीय बैंड के साथ प्रस्तुति देने वाली हैं।
कार्यक्रम में सरोद कलाकार देबास्मिता भट्टाचार्य की प्रस्तुति भी शामिल है। उनका कार्यक्रम शाम 5 बजे से 6:30 बजे तक रखा गया है, जबकि इसके बाद मैथिली ठाकुर का कॉन्सर्ट होगा।
फेस्टिवल में दिनभर अलग-अलग सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें भारतीय कला और संस्कृति के अलग-अलग रूपों को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
लोकगीतों के जरिए बिहार की पहचान
मैथिली ठाकुर की पहचान लोक और भक्ति संगीत की प्रस्तुतियों से जुड़ी है। उनके कार्यक्रमों में बिहार और उत्तर भारत की पारंपरिक संगीत शैलियों की झलक देखने को मिलती है।
नीदरलैंड्स में भी उन्होंने बिहार के लोकगीतों और उनके पीछे मौजूद भावनाओं को प्रमुखता से सामने रखा। इंडिया हाउस में आयोजित कार्यक्रम में चैती की प्रस्तुति इसी कड़ी का हिस्सा रही।
मैथिली ठाकुर ने उपस्थित लोगों को बताया कि पारंपरिक गीतों में कई पीढ़ियों की सामाजिक और पारिवारिक भावनाएं सुरक्षित रहती हैं। ऐसे गीत नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं।
भारतीय संस्कृति का अंतरराष्ट्रीय मंच
Eindeloos India Festival में भारतीय संगीत के साथ कला और सांस्कृतिक गतिविधियों का विस्तृत कार्यक्रम रखा गया है। आयोजकों के अनुसार फेस्टिवल भारतीय प्रदर्शन कला की विविधता को रॉटरडैम के दर्शकों तक पहुंचाने का मंच है।
मैथिली ठाकुर की भागीदारी के कारण बिहार की लोक संगीत परंपरा भी इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में प्रमुखता से सामने आ रही है। इंडिया हाउस में उनके स्वागत और सांस्कृतिक चर्चा के बाद अब उनकी मुख्य प्रस्तुति पर ध्यान है।
नीदरलैंड्स के इस दौरे में मैथिली ठाकुर एक कलाकार के रूप में भारतीय लोकसंगीत की प्रस्तुति देने के साथ बिहार की सांस्कृतिक परंपराओं की भी चर्चा कर रही हैं। इंडिया हाउस में चैती की प्रस्तुति से लेकर Eindeloos India Festival के मंच तक उनका यह दौरा भारतीय लोकसंगीत को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने से जुड़ा है।