बिहार

पितृ पक्ष मेले में हाईटेक इंतजाम QR रिस्टबैंड से होगी श्रद्धालुओं की सुरक्षा

Ratna Netam
26 Sept 2026 4:17 PM IST
पितृ पक्ष मेले में हाईटेक इंतजाम  QR रिस्टबैंड से होगी श्रद्धालुओं की सुरक्षा
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गया। बिहार के गया में आयोजित पितृ पक्ष मेला 2026 में इस बार पारंपरिक धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने कई तकनीक आधारित व्यवस्थाएं लागू की हैं। इनमें QR कोड वाले रिस्टबैंड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आधारित भीड़ प्रबंधन और विभिन्न भाषाओं में अनुवाद की सुविधा शामिल है।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देशों के अनुसार, पितृ पक्ष मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने तकनीक का सहारा लिया है। खास तौर पर बच्चों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए QR कोड वाले रिस्टबैंड की व्यवस्था की गई है।इन रिस्टबैंड में श्रद्धालु के परिवार के सदस्यों के मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज होगी। मेले की भीड़ में अगर कोई बच्चा या बुजुर्ग अपने परिवार से बिछड़ जाता है तो QR कोड को स्कैन कर उसके परिजनों से संपर्क करने में मदद मिल सकेगी। इसका उद्देश्य बिछड़े श्रद्धालुओं को जल्द से जल्द उनके परिवार तक पहुंचाना है।
पितृ पक्ष मेले में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के साथ गया पहुंचते हैं। फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और विभिन्न पिंडवेदियों पर पिंडदान और तर्पण जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ पहुंचने के कारण भीड़ प्रबंधन प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहती है।इस बार भीड़ पर नजर रखने के लिए AI आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके माध्यम से प्रमुख स्थानों पर श्रद्धालुओं की संख्या और आवाजाही की निगरानी की जा सकेगी। किसी स्थान पर अचानक ज्यादा भीड़ जमा होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को जानकारी मिलने से समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।
AI आधारित भीड़ प्रबंधन का उद्देश्य प्रमुख धार्मिक स्थलों, प्रवेश और निकास मार्गों तथा ज्यादा भीड़ वाले क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखना है। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को लंबी कतारों, अनियंत्रित भीड़ और आवाजाही में होने वाली परेशानियों से बचाया जा सके।मेले में देश के अलग-अलग राज्यों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। अलग-अलग भाषा बोलने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अनुवाद संबंधी व्यवस्था भी की गई है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को जरूरी जानकारी समझने, धार्मिक स्थलों तक पहुंचने और प्रशासनिक सहायता लेने में होने वाली भाषा संबंधी परेशानी को कम करना है।
तकनीकी सुविधाओं के साथ प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। प्रमुख धार्मिक स्थलों और भीड़ वाले इलाकों में पुलिस तथा प्रशासनिक कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है। श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू रखने के लिए अलग-अलग स्थानों पर निगरानी और सहायता की व्यवस्था की गई है।पितृ पक्ष मेले के दौरान बच्चों और बुजुर्गों के भीड़ में बिछड़ने की आशंका अधिक रहती है। ऐसे में QR कोड वाले रिस्टबैंड प्रशासन की महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। रिस्टबैंड को इस तरह तैयार किया गया है कि जरूरत पड़ने पर उसमें उपलब्ध जानकारी के जरिए संबंधित व्यक्ति के परिवार तक पहुंचने में मदद मिल सके।
प्रशासन की कोशिश है कि तकनीक का इस्तेमाल केवल सुरक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि श्रद्धालुओं को मेले से जुड़ी जानकारी और सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी इसका उपयोग किया जाए। बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को नियंत्रित करने और उन्हें सही दिशा में भेजने के लिए डिजिटल माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है।गया का पितृ पक्ष मेला धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि पितृ पक्ष के दौरान गया में पिंडदान और तर्पण करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है। इसी धार्मिक आस्था के कारण देश के विभिन्न हिस्सों से लोग यहां पहुंचते हैं। विदेशों में रहने वाले भारतीय और सनातन परंपरा में आस्था रखने वाले श्रद्धालु भी इस दौरान गया आते हैं।
श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशासन के सामने आवास, परिवहन, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी व्यवस्थाओं को बनाए रखने की चुनौती रहती है। ऐसे में तकनीकी साधनों का इस्तेमाल व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए किया जा रहा है।AI आधारित निगरानी से प्रशासन को भीड़ के स्वरूप को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है। यदि किसी विशेष मार्ग या धार्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं का दबाव बढ़ता है तो दूसरे मार्गों की ओर आवाजाही को व्यवस्थित किया जा सकता है। इससे भीड़ के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित परेशानियों को कम करने में मदद मिल सकती है।
इसी तरह अनुवाद सुविधा उन श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी होगी जो स्थानीय भाषा से परिचित नहीं हैं। उन्हें दिशा-निर्देश, सहायता केंद्र, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य जरूरी सेवाओं से संबंधित जानकारी समझने में आसानी होगी।QR कोड रिस्टबैंड का सबसे ज्यादा फायदा ऐसे परिवारों को मिलने की उम्मीद है जो बच्चों या बुजुर्ग सदस्यों के साथ मेले में पहुंच रहे हैं। भीड़ में किसी सदस्य के बिछड़ने की स्थिति में उसके पास मौजूद रिस्टबैंड को स्कैन कर परिवार की संपर्क जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
पितृ पक्ष मेला 2026 में प्रशासन का जोर पारंपरिक धार्मिक आयोजन के स्वरूप को बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं के अनुभव को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने पर है। धार्मिक अनुष्ठानों के बीच तकनीक का इस्तेमाल भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है।गया में इस बार QR कोड रिस्टबैंड, AI आधारित भीड़ प्रबंधन और अनुवाद जैसी सुविधाओं के जरिए प्रशासन ने आधुनिक तकनीक को मेले की व्यवस्था से जोड़ा है। इसका मुख्य उद्देश्य लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण देना और उन्हें बिना परेशानी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करने में सहायता प्रदान करना है।
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