Yoga Tips: गर्दन के दर्द से राहत दिलाएंगे ये तीन योगासन, जानें अभ्यास का सही तरीका
Yoga Tips : गर्दन में दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे गलत मुद्रा में बैठना या खड़े रहना। कंप्यूटर या मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए लंबे समय तक गर्दन झुकाकर बैठना। इसके अलावा, तनाव और चिंता भी गर्दन में दर्द का कारण बन सकते हैं। मांसपेशियों में तनाव, कोई चोट, हर्नियेटेड डिस्क और आंतरिक रोग भी गर्दन में दर्द का कारण बन सकते हैं।
अगर सही समय पर इसका प्रभावी इलाज न किया जाए, तो माइग्रेन हो सकता है। इसके अलावा, गर्दन का दर्द कंधों और बाजुओं में दर्द में बदल सकता है। साथ ही, मांसपेशियां कमज़ोर हो सकती हैं। दर्द के कारण नींद न आना, चक्कर आना और दैनिक कार्यों में रुकावट आना आम समस्याएं हैं।
गर्दन के दर्द से राहत पाने के लिए कुछ योगासनों का अभ्यास करना फायदेमंद होता है। ये गर्दन के दर्द को जड़ से खत्म कर सकते हैं। इस लेख में शरीर के दर्द, खासकर गर्दन के दर्द से राहत दिलाने वाले योगासनों के बारे में बताया जा रहा है।
भुजंगासन:
यह आसन गर्दन, कंधों और रीढ़ की हड्डी को खींचता है और उनमें तनाव को कम करता है।
इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेटकर कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर उठाएं। अब धीरे धीरे सांस भरते हुए छाती को ऊपर की ओर उठाएं। पेट वाले हिस्से को धीरे धीरे ऊपर उठाते हुए 30-60 सेकेंड इसी स्थिति में रहें।
बालासन:
यह आसन गर्दन और कंधों को आराम देता है और मानसिक तनाव को भी कम करता है।
मैट पर घुटनों के बल बैठकर शरीर का सारा भार एड़ियों पर डालें। अब गहरी सांस लेते हुए आगे की ओर झुकें। सीना जांघों से छूने का प्रयास करें। माथे से फर्श को छूने की कोशिश करते हुए कुछ सेकंड इसी अवस्था में रहें। यह प्रक्रिया 3-5 बार दोहराएं।
यह आसन गर्दन और रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बढ़ाता है और मांसपेशियों के तनाव को कम करता है।
मार्जरी आसन करने के लिए घुटनों के बल बैठकर पीठ को झुकाएं और हथेलियां जमीन पर रखें। पीठ ऊपर की तरफ उठी होनी चाहिए और सिर नीचे झुका हुआ हो।