Winter Yoga : ठिठुरन वाली सर्दी में भी शरीर रहेगा गर्म, बस रोज करें ये योग
Winter Yoga : योग सुबह खाली पेट करने से अधिक लाभ मिलता है। हालांकि योगाभ्यास के दौरान ऊनी कपड़े न पहनकर कुछ हल्का और सहज पहनें। ध्यान रखें कि योग के बाद ठंडे पानी से स्नान न करें। अगर प्राणायाम का अभ्यास कर रहे हैं तो धीरे धीरे करें। ठंड से बचाने के लिए सिर्फ स्वेटर काफी नहीं होते हैं। शरीर को आंतरिक गर्मी भी चाहिए जो कुछ योगासनों से ही मिल सकती है। अगर आप चाहते हैं कि इस सर्दी ठंड आप पर हावी न हो, तो रोज़ इन योगासनों को अपनाइए।
सूर्य नमस्कार :
सर्दियों में सूर्य नमस्कार किसी औषधि से कम नहीं है। यह पूरा शरीर सक्रिय करता है, मेटाबॉलिज़्म बढ़ाता है और भीतर से गर्मी पैदा करता है। सूर्य नमस्कार के कई स्वास्थय लाभ है। जैसे पूरे शरीर में रक्त संचार, जकड़न और सुस्ती दूर व रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होता। प्रतिदिन 6 से 12 राउंड अभ्यास करना पर्याप्त है।
भुजंगासन:
ठंड में कमर और पीठ अकड़ जाती है। भुजंगासन रीढ़ को लचीला बनाता है और छाती में ऊर्जा भरता है। इसका अभ्यास पीठ दर्द से राहत देता है। फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने में सहायक है और इससे शरीर में गर्माहट बनी रहती है।
उष्ट्रासन:
उष्ट्रासन शरीर की जमी हुई ऊर्जा को जगाता है। यह ठंड में जमी सांसों को खोल देता है। उष्ट्रासन के नियमित अभ्यास से पाचन तंत्र मजबूत, शरीर की आंतरिक गर्मी सक्रिय होती है और थकान व ठंडक दूर रहती है।
कपालभाति :
यह प्राणायाम सर्दियों में बेहद प्रभावी है। यह पेट की चर्बी ही नहीं, ठंड का असर भी घटाता है। इसके अभ्यास से शरीर में तापमान संतुलन, सर्दी-जुकाम से बचाव और पाचन व इम्युनिटी बेहतर होती है। कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास खाली पेट करना चाहिए।
ये प्राणायाम सांसों से गर्मी पैदा करता है। तेज सांसों के साथ किया जाने वाला यह प्राणायाम शरीर को तुरंत गर्म करता है। इसके नियमित अभ्यास से ठंड से जमी मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। फेफड़ों की सफाई और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।