नई दिल्ली। दूध की मलाई हर किसी को पसंद होती है। खासकर गांवों और घरों में ताजा दूध से निकली मोटी मलाई और उससे बना मक्खन-घी खाने का अलग ही स्वाद होता है। लेकिन कई बार घर में लाए गए दूध से उम्मीद के मुताबिक मलाई नहीं जमती। ऐसे में लोग दूध में कुछ मिलाने या अलग-अलग घरेलू नुस्खे अपनाने लगते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार दूध की मलाई जमने का सबसे बड़ा कारण दूध की गुणवत्ता, फैट की मात्रा और उसे रखने का सही तरीका होता है।
इन दिनों सोशल मीडिया पर दूध में मोटी मलाई जमाने के लिए एक ‘156’ फार्मूले की चर्चा हो रही है। दावा किया जा रहा है कि इस आसान तरीके को अपनाने से दूध में हर बार अच्छी और मोटी मलाई जम सकती है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि किसी भी घरेलू उपाय का असर दूध की गुणवत्ता और प्रक्रिया पर निर्भर करता है।
क्या है ‘156’ फार्मूला?
दरअसल, ‘156’ फार्मूला दूध को उबालने और ठंडा करने से जुड़ा एक घरेलू तरीका बताया जा रहा है। इसमें दूध को सही तापमान और समय के अनुसार संभालने पर जोर दिया जाता है।
इस तरीके में दूध को तेज आंच पर लंबे समय तक उबालने के बजाय धीरे-धीरे गर्म करने और फिर प्राकृतिक तरीके से ठंडा करने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि इससे दूध में मौजूद फैट ऊपर की ओर अच्छी तरह जमा हो सकता है और मलाई की परत मोटी बन सकती है।
हालांकि, इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि सिर्फ ‘156’ नाम का कोई निश्चित फार्मूला हर तरह के दूध में एक जैसा परिणाम देगा।
मलाई जमने के पीछे क्या है विज्ञान?
दूध में मलाई मुख्य रूप से उसमें मौजूद वसा यानी फैट के कारण बनती है। जब दूध को गर्म करके कुछ समय के लिए स्थिर छोड़ दिया जाता है तो फैट के छोटे-छोटे कण ऊपर की तरफ आ जाते हैं और एक परत बना लेते हैं।
अगर दूध में फैट की मात्रा ज्यादा होगी तो मलाई भी ज्यादा मोटी होगी। वहीं पैकेट वाले कम फैट दूध में मलाई कम बनना सामान्य बात है।
गाय और भैंस के दूध में भी मलाई की मात्रा अलग-अलग होती है। भैंस के दूध में आमतौर पर फैट ज्यादा होता है, इसलिए उसमें मोटी मलाई जमने की संभावना अधिक रहती है।
मोटी मलाई के लिए अपनाएं ये तरीके
मलाई अच्छी जमाने के लिए सबसे पहले दूध की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है। ताजा और शुद्ध दूध में मलाई बेहतर बनती है।
दूध को उबालने के बाद उसे तुरंत हिलाने के बजाय कुछ समय के लिए शांत छोड़ देना चाहिए। इसके बाद दूध को ठंडा होने दें और फिर फ्रिज में रखें।
दूध को बार-बार गर्म करने से उसमें मौजूद फैट की संरचना प्रभावित हो सकती है, जिससे मलाई कम जम सकती है।
दूध को रखने का तरीका भी जरूरी
कई लोग दूध को गर्म करके तुरंत इस्तेमाल कर लेते हैं, जिससे मलाई बनने का समय नहीं मिल पाता। अगर आप मोटी मलाई चाहते हैं तो दूध को उबालने के बाद एक चौड़े बर्तन में रख सकते हैं।
चौड़े बर्तन में दूध की सतह ज्यादा खुली रहती है, जिससे फैट ऊपर जमा होने में मदद मिल सकती है। इसके बाद ऊपर बनी मलाई को अलग करके मक्खन या घी बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।
क्या दूध में कुछ मिलाने की जरूरत है?
कई लोग मलाई बढ़ाने के लिए दूध में अलग-अलग चीजें मिलाने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह सही तरीका नहीं है। दूध में किसी भी बाहरी चीज को मिलाने से उसकी शुद्धता प्रभावित हो सकती है।
मलाई बढ़ाने का बेहतर तरीका यही है कि अच्छे फैट वाला दूध लें और उसे सही तरीके से उबालकर संग्रहित करें।
सोशल मीडिया के दावों से रहें सावधान
आजकल सोशल मीडिया पर घरेलू नुस्खों और वायरल टिप्स की भरमार है। कई बार ऐसे दावे किए जाते हैं जिनके पीछे ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं होता।
‘156’ फार्मूले को भी एक घरेलू टिप की तरह देखा जाना चाहिए, न कि किसी चमत्कारी उपाय की तरह। दूध की मलाई मुख्य रूप से उसकी गुणवत्ता और फैट पर निर्भर करती है।
घी और मक्खन बनाने वालों के लिए उपयोगी
जो लोग घर में मक्खन या घी बनाते हैं, उनके लिए अच्छी मलाई का होना जरूरी होता है। इसके लिए वे अक्सर ज्यादा फैट वाले दूध का इस्तेमाल करते हैं और दूध को सही तरीके से जमा करते हैं।
अगर दूध अच्छा है और उसे सही प्रक्रिया से रखा गया है तो बिना कुछ मिलाए भी अच्छी मलाई प्राप्त की जा सकती है।
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