लाइफ स्टाइल : दिनभर सुस्ती और थकान महसूस हो तो क्या पिएं?** बहुत से लोग तुरंत चाय या कॉफी की तरफ जाते हैं, लेकिन बार-बार कैफीन लेना हर किसी के लिए सही विकल्प नहीं होता। पर्याप्त पानी न पीना, ठीक से भोजन न करना, नींद की कमी और लगातार काम करने जैसी कई वजहों से शरीर में ऊर्जा कम महसूस हो सकती है। ऐसे में कुछ पारंपरिक देसी ड्रिंक्स हाइड्रेशन और पोषण में मदद कर सकते हैं।
न्यूट्रिशन से जुड़ी सलाह में अक्सर नींबू पानी, छाछ और सत्तू जैसे आसान पेय शामिल किए जाते हैं। ये घर में आसानी से तैयार हो जाते हैं और मौसम तथा व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार डाइट का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। हालांकि लगातार या असामान्य थकान को केवल किसी ड्रिंक से ठीक करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इसके पीछे स्वास्थ्य संबंधी कारण भी हो सकते हैं।
1. नींबू पानी
सुस्ती महसूस होने पर सबसे आसान विकल्पों में नींबू पानी शामिल है। खासकर गर्मी या पसीना आने के बाद शरीर को तरल की जरूरत होती है। पर्याप्त पानी न मिलने पर थकान, सिरदर्द और कमजोरी जैसी परेशानी महसूस हो सकती है।
एक गिलास पानी में ताजा नींबू का रस डालकर नींबू पानी तैयार किया जा सकता है। स्वाद के लिए थोड़ी मात्रा में नमक या अन्य सामग्री मिलाई जा सकती है, लेकिन जरूरत से ज्यादा चीनी डालने से बचना बेहतर है।
नींबू में विटामिन C पाया जाता है। वहीं पानी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। अगर लंबे समय तक बाहर रहने या गर्मी में काम करने के कारण ज्यादा पसीना आया है तो तरल की पूर्ति महत्वपूर्ण हो जाती है।
हालांकि गंभीर डिहाइड्रेशन या दस्त-उल्टी जैसी स्थिति में सामान्य नींबू पानी को ORS का विकल्प नहीं मानना चाहिए।
2. मसाला छाछ
गर्मी के दिनों में छाछ एक लोकप्रिय भारतीय पेय है। दही और पानी से बनने वाली छाछ भोजन के साथ भी ली जाती है। इसे जीरा, पुदीना, धनिया या थोड़े नमक के साथ मसाला छाछ के रूप में तैयार किया जा सकता है।
छाछ में दही से मिलने वाले कुछ पोषक तत्व मौजूद रहते हैं और यह शरीर को तरल भी उपलब्ध कराती है। भारी या मसालेदार भोजन के साथ बहुत मीठे पेय की जगह सामान्य छाछ कई लोगों को हल्की लग सकती है।
मसाला छाछ बनाने के लिए दही में पर्याप्त पानी डालकर अच्छी तरह फेंट लें। इसके बाद भुना जीरा और पुदीना या धनिया मिला सकते हैं। नमक सीमित मात्रा में रखें।
जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर के कारण नमक सीमित रखने की सलाह दी गई है, उन्हें छाछ में अतिरिक्त नमक डालने से पहले अपनी डाइट संबंधी सलाह का ध्यान रखना चाहिए। इसी तरह दूध या डेयरी से परेशानी होने वाले लोगों के लिए यह पेय उपयुक्त नहीं भी हो सकता है।
3. सत्तू का ड्रिंक
सत्तू उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता है। आमतौर पर भुने चने से तैयार सत्तू को पानी में मिलाकर पेय बनाया जाता है। इसमें प्रोटीन और फाइबर जैसे पोषक तत्व मिलते हैं।
सत्तू ड्रिंक को मीठा या नमकीन दोनों तरह से तैयार किया जा सकता है। हल्का नमकीन सत्तू बनाने के लिए पानी में सत्तू मिलाकर नींबू और स्वाद के अनुसार मसाले डाले जा सकते हैं।
सत्तू केवल पानी की तरह हाइड्रेशन नहीं देता बल्कि इसमें भोजन से मिलने वाले पोषक तत्व भी होते हैं। इस कारण भूख लगने और ऊर्जा कम महसूस होने पर यह साधारण मीठे पेय की तुलना में ज्यादा पेट भरने वाला विकल्प हो सकता है।
हालांकि इसकी कैलोरी भी होती है, इसलिए इसे असीमित मात्रा में पीना सही नहीं है। डायबिटीज या किसी विशेष डाइट प्लान पर रहने वाले लोगों को मीठा सत्तू बनाते समय अतिरिक्त चीनी या गुड़ की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।
केवल चाय-कॉफी पर निर्भर रहना ठीक नहीं
थकान होने पर कॉफी या चाय तुरंत सतर्कता महसूस करा सकती है क्योंकि इनमें कैफीन होता है। लेकिन इसका असर अस्थायी हो सकता है। बहुत अधिक कैफीन लेने से कुछ लोगों में बेचैनी, दिल की धड़कन तेज महसूस होना या रात की नींद प्रभावित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
अगर रात की नींद पहले से खराब है और दिन में थकान दूर करने के लिए लगातार कॉफी ली जा रही है तो यह एक चक्र बन सकता है। दिन में ज्यादा कैफीन लेने से रात को नींद प्रभावित होती है और अगली सुबह फिर सुस्ती महसूस हो सकती है।
इसलिए थकान महसूस होने पर सबसे पहले यह भी देखें कि आप पर्याप्त पानी पी रहे हैं या नहीं और पिछले कुछ दिनों से नींद कैसी है।
पानी की कमी भी बन सकती है वजह
गर्म मौसम में पसीने के जरिए शरीर से पानी निकलता रहता है। अगर उसकी भरपाई नहीं की जाए तो डिहाइड्रेशन हो सकता है। प्यास, मुंह सूखना, गहरे रंग का पेशाब, सिरदर्द और थकान इसके संकेत हो सकते हैं।
ऐसी स्थिति से बचने के लिए पूरे दिन नियमित अंतराल पर पानी पीना जरूरी है। केवल प्यास बहुत ज्यादा लगने का इंतजार करना हर बार सही तरीका नहीं है, खासकर गर्मी में बाहर काम करने वालों के लिए।
नींबू पानी और छाछ जैसे पेय दैनिक तरल सेवन में योगदान दे सकते हैं, लेकिन सामान्य पानी का महत्व भी बना रहता है।
खाना छोड़ने से भी हो सकती है कमजोरी
सुस्ती की एक वजह लंबे समय तक खाली पेट रहना भी हो सकती है। सुबह नाश्ता छोड़ देना या दिनभर पर्याप्त भोजन न करना शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस करा सकता है।
ऐसे में केवल मीठा ड्रिंक पीकर समस्या को दबाने के बजाय संतुलित भोजन पर ध्यान देना चाहिए। भोजन में पर्याप्त प्रोटीन, साबुत अनाज, सब्जियां, फल और स्वस्थ वसा शामिल करना उपयोगी है।
सत्तू जैसे पेय कुछ पोषण दे सकते हैं, लेकिन इन्हें हर स्थिति में पूरे भोजन का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
अच्छी नींद है सबसे जरूरी
अगर कोई व्यक्ति रोजाना देर रात तक जागता है और पर्याप्त नींद नहीं लेता तो कोई भी एनर्जी ड्रिंक लंबे समय तक उसकी थकान दूर नहीं कर सकता। शरीर को रिकवरी के लिए पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद चाहिए।
सोने और जागने का समय नियमित रखना, देर रात स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना और शाम या रात में ज्यादा कैफीन से बचना नींद सुधारने में मदद कर सकता है।
लगातार थकान को नजरअंदाज न करें
कभी-कभी थकान होना सामान्य है, लेकिन अगर कई दिनों या हफ्तों से बिना स्पष्ट कारण लगातार कमजोरी और सुस्ती बनी हुई है तो इसे केवल काम का तनाव मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
लगातार थकान के पीछे एनीमिया, थायरॉइड से जुड़ी समस्या, विटामिन की कमी, संक्रमण, नींद संबंधी परेशानी या अन्य स्वास्थ्य कारण हो सकते हैं। सांस फूलना, चक्कर, सीने में दर्द, बेहोशी या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण हों तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
इसलिए सामान्य सुस्ती या गर्मी के कारण थकान महसूस होने पर **नींबू पानी, मसाला छाछ और सत्तू ड्रिंक** जैसे देसी विकल्प आजमाए जा सकते हैं। लेकिन इन्हें थकान की बीमारी का इलाज समझने के बजाय संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी और अच्छी नींद के साथ दैनिक आहार का हिस्सा मानना बेहतर है।
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