बच्चों के बालों की देखभाल में काम आएगा कैस्टर ऑयल का ये नुस्खा
बेजान बालों को ऐसे दें भरपूर पोषण
लाइफस्टाइल : बच्चों के बाल कई बार रूखे, बेजान और उलझे हुए नजर आने लगते हैं। मौसम में बदलाव, बार-बार शैंपू करना, धूप-धूल और बालों की ठीक से देखभाल न होने जैसी वजहें इसमें भूमिका निभा सकती हैं। ऐसे में माता-पिता अक्सर बच्चों के बालों को मुलायम और स्वस्थ रखने के लिए घरेलू उपाय तलाशते हैं। कैस्टर ऑयल यानी अरंडी का तेल भी बालों की देखभाल में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यह काफी गाढ़ा होता है। इसलिए इसे नारियल तेल जैसे हल्के तेल के साथ मिलाकर लगाया जा सकता है।
कैस्टर ऑयल और नारियल तेल
कैस्टर ऑयल गाढ़ा और चिपचिपा होता है। इसे सीधे लगाने के बजाय थोड़ी मात्रा में नारियल तेल के साथ मिलाने से बालों और स्कैल्प पर लगाना आसान हो सकता है। नारियल तेल बालों की नमी बनाए रखने और प्रोटीन लॉस कम करने में मदद कर सकता है। इससे रूखे बाल अधिक मुलायम और संभालने में आसान महसूस हो सकते हैं।
इसके लिए लगभग एक हिस्सा कैस्टर ऑयल में दो से तीन हिस्से नारियल तेल मिलाया जा सकता है। मिश्रण की थोड़ी मात्रा हथेली पर लेकर पहले स्कैल्प के छोटे हिस्से पर लगाएं। किसी तरह की जलन, खुजली या लालिमा न होने पर इसे हल्के हाथों से बालों और स्कैल्प पर लगाया जा सकता है।
जोर से मसाज करने से बचें
बच्चों की स्कैल्प और त्वचा वयस्कों की तुलना में अधिक संवेदनशील हो सकती है। इसलिए तेल लगाते समय बहुत जोर से रगड़ने के बजाय उंगलियों से हल्के हाथों से मसाज करें। बालों में जरूरत से ज्यादा तेल लगाने की भी आवश्यकता नहीं है।
कुछ समय बाद बच्चों के लिए उपयुक्त माइल्ड शैंपू से बाल धोए जा सकते हैं। बहुत गर्म पानी से बाल धोने से बचना बेहतर है, क्योंकि इससे बाल और स्कैल्प ज्यादा ड्राई महसूस हो सकते हैं।
हर बच्चे के लिए जरूरी नहीं
यह ध्यान रखना जरूरी है कि तेल लगाने से बालों की ग्रोथ तेज होने या बाल घने होने की गारंटी नहीं होती। कैस्टर ऑयल को बाल बढ़ाने का प्रमाणित इलाज नहीं माना जाना चाहिए। इसका उपयोग मुख्य रूप से बालों को कंडीशन करने और रूखापन कम महसूस कराने के लिए किया जा सकता है।
अगर बच्चे की स्कैल्प पर पहले से खुजली, फंगल इंफेक्शन, घाव, अत्यधिक डैंड्रफ या त्वचा संबंधी समस्या है तो बिना डॉक्टर की सलाह के कोई नया तेल या घरेलू मिश्रण इस्तेमाल न करें।
पैच टेस्ट है जरूरी
पहली बार कोई तेल इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर है। यदि लालिमा, खुजली, सूजन या जलन दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें। खासकर बहुत छोटे बच्चों और संवेदनशील त्वचा वाले बच्चों के लिए बालों से जुड़ी लगातार समस्या होने पर बाल रोग विशेषज्ञ या त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
सही शैंपू, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और बालों की सौम्य देखभाल भी बच्चों के बालों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि बाल अचानक बहुत ज्यादा झड़ रहे हों या स्कैल्प पर असामान्य बदलाव दिखाई दें तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें।