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Yoga: गले की खराश और भारीपन से हैं परेशान करें ये योगासन, तुरंत मिलेगी राहत

Sarita
19 Jun 2025 10:35 AM IST
Yoga: गले की खराश और भारीपन से हैं परेशान करें ये योगासन, तुरंत मिलेगी राहत
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Yoga: गले में भारीपन, बोलने में दिक्कत, लगातार खांसी जैसी समस्याएं शरीर को थका देती हैं और दैनिक जीवन को भी प्रभावित करती हैं। अक्सर लोग इस समस्या से राहत पाने के लिए महंगी दवाइयों का सहारा लेते हैं लेकिन डॉ. हितेन्द्र के अनुसार कुछ विशेष योगासन अपनाकर गले की समस्याओं से प्राकृतिक रूप से राहत पाई जा सकती है। ये योगासन न केवल गले को खोलने में मदद करते हैं बल्कि फेफड़ों को मजबूत करने और सांस की नली को साफ रखने में भी सहायक होते हैं। तो आइए जानते हैं कौन-से योगासन हर व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में शामिल करने चाहिए।
पद्मासन:
रोजाना पद्मासन का अभ्यास करने से गले की नसों को आराम मिलता है और मानसिक तनाव कम होता है। यह ध्यान और प्राणायाम के लिए उपयुक्त मुद्रा है, जिससे गले में जमी गंदगी धीरे-धीरे साफ होती है और गला खुलने लगता है।
ताड़ासन:
इस आसन को करने से शरीर सीधा रहता है और फेफड़ों में ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है। इससे गले और श्वसन नली में फंसी रुकावट दूर होती है और आवाज भी स्पष्ट होती है।
ॐ उच्चारण:
जिन लोगों को अक्सर गले में खराश या भारीपन की शिकायत रहती है, उन्हें रोजाना ॐ का उच्चारण जरूर करना चाहिए। इससे उत्पन्न होने वाली कंपन (वाइब्रेशन) गले की जकड़न को कम करती है। यह एक प्रकार की ध्वनि चिकित्सा (sound therapy) है जो गले को खोलने में सहायता करती है।
सिंहासन:
यह आसन जीभ बाहर निकालकर किया जाता है और यह गले, जबड़े और चेहरे के तनाव को कम करता है। यह गले के सभी हिस्सों को सक्रिय करता है और बैठी हुई आवाज को खोलने में बहुत असरदार साबित होता है।
यह आसन गले और गर्दन के हिस्से में रक्त संचार को बढ़ाता है जिससे सूजन और जकड़न में राहत मिलती है। विशेष रूप से लंबे समय से बैठी आवाज या गले की बंदी में यह अत्यंत लाभकारी है।
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