दिल्ली पहुंचे राष्ट्रपति पुतिन आज पीएम मोदी से अहम मुलाकात
आज मोदी के साथ बड़ी द्विपक्षीय बैठक
नई दिल्ली: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच गए हैं। नई दिल्ली पहुंचने पर उनका स्वागत केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने किया। पुतिन तीन दिवसीय भारत यात्रा पर हैं और इस दौरान ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।
राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच शुक्रवार को होने वाली बैठक को भारत-रूस संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा सहित द्विपक्षीय सहयोग के कई अहम क्षेत्रों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इससे पहले 31 अगस्त को बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी। उस बैठक में राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की गई थी। पुतिन शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम को भी संबोधित करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत निर्धारित है। दोनों नेता भारत-रूस के उद्योग एवं व्यापार से जुड़े इनोप्रोम प्रदर्शनी कार्यक्रम में भी शामिल हो सकते हैं। ब्रिक्स का मुख्य शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होगा।
ब्रिक्स सम्मेलन को देखते हुए दिल्ली को अभेद्य सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों समेत करीब 30 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। एयरपोर्ट से लेकर विदेशी नेताओं के होटल और भारत मंडपम तक बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है। प्रमुख होटलों में कर्मचारियों का सत्यापन किया गया है और वीवीआईपी मूवमेंट वाले मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत कई देशों के शीर्ष नेता ब्रिक्स सम्मेलन के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं। अलग-अलग राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों के लिए विशेष सुरक्षा तथा ठहरने की व्यवस्था की गई है। भारत मंडपम और चाणक्यपुरी समेत कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इस बार ब्रिक्स सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया कई भू-राजनीतिक चुनौतियों और पश्चिम एशिया में तनाव का सामना कर रही है। ऐसे में नई दिल्ली में होने वाली नेताओं की बैठकों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रहेगी। भारत ब्रिक्स की 2026 की अध्यक्षता कर रहा है और सम्मेलन में आर्थिक सहयोग, वैश्विक एवं क्षेत्रीय मुद्दों तथा सदस्य देशों के बीच साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा होने की उम्मीद है।