वर्ल्ड | पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय के खिलाफ एक और कड़ा कदम उठाया गया है। पंजाब प्रांत में 50 अहमदियों पर ईशनिंदा का मुकदमा दर्ज किया गया, क्योंकि उन्होंने एक मस्जिद में नमाज अदा की थी। स्थानीय लोगों की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की, जिसमें अहमदियों पर इस्लामिक प्रतीकों के इस्तेमाल और खुद को मुस्लिम बताने का आरोप लगाया गया। पाकिस्तान में अहमदियों को 1974 में गैर-मुस्लिम घोषित कर दिया गया था
, और उन पर इस्लाम से जुड़े किसी भी धार्मिक अनुष्ठान का पालन करने पर पाबंदी है। इस मामले को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे धार्मिक भेदभाव करार दिया है। पाकिस्तान का ईशनिंदा कानून पहले भी कई बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादों में रहा है, क्योंकि इसका इस्तेमाल अक्सर धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है।