काठमांडू। नेपाल में बाढ़ और उससे जुड़ी आपदा का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। **नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA)** ने रविवार को जानकारी दी कि रसुवा समेत प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर **1,451** हो गई है। वहीं, हजारों लोग अभी भी लापता हैं और प्रभावित इलाकों में खोज, बचाव और राहत अभियान लगातार जारी है।NDRRMA ने रविवार शाम **7 बजे तक के राहत और बचाव अभियानों** की जानकारी साझा करते हुए बताया कि अब तक बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। प्रशासन, सेना और सुरक्षा बल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।
13,784 लोगों को बचाया गया
डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक कुल **13,784 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है**।हालांकि, स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। NDRRMA के मुताबिक, **5,786 लोग अभी भी लापता हैं**, जिनमें **636 विदेशी नागरिक** भी शामिल हैं।अधिकारियों का कहना है कि कई दुर्गम इलाकों में पहुंचने में कठिनाई के बावजूद खोज और बचाव अभियान जारी रखा गया है।
नेपाली सेना के हेलीकॉप्टरों से राहत अभियान
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के लिए नेपाली सेना भी सक्रिय भूमिका निभा रही है।NDRRMA ने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के तहत नेपाली सेना के **33 हेलीकॉप्टरों** ने प्रभावित इलाकों के लिए उड़ानें भरीं।इन हेलीकॉप्टरों के माध्यम से फंसे हुए लोगों को निकालने, जरूरी सामान पहुंचाने और राहत सामग्री पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
अस्पतालों में चल रहा घायलों का इलाज
अथॉरिटी के अनुसार, वर्तमान में **15 लोगों का इलाज पांच अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है**।इसके अलावा, विभिन्न सुरक्षा बलों ने अब तक **10,163 लोगों को मेडिकल सहायता** उपलब्ध कराई है।स्वास्थ्य विभाग और राहत टीमें प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही हैं।
पुनर्वास के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोगों के घर और आजीविका प्रभावित हुई है। ऐसे में सरकार ने पुनर्वास को लेकर भी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।NDRRMA ने बताया कि जो परिवार अस्थायी **होल्डिंग सेंटरों** में रहना नहीं चाहते, उनके लिए वैकल्पिक आवास और आजीविका सहायता की व्यवस्था की गई है।अथॉरिटी ने कहा कि ऐसे परिवारों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध होने तक अधिकतम छह महीने की अवधि के लिए सहायता दी जाएगी।
परिवारों को मिलेगा मासिक भत्ता
NDRRMA के अनुसार, प्रभावित परिवारों को राहत के तौर पर **NPR 15,000 प्रति परिवार** मासिक भत्ता दिया जाएगा।यह सहायता चार सदस्यों तक के परिवार के लिए निर्धारित की गई है। यदि परिवार में सदस्यों की संख्या चार से अधिक है तो प्रत्येक अतिरिक्त सदस्य के लिए **NPR 2,000 अतिरिक्त** दिए जाएंगे।अथॉरिटी ने बताया कि इस सहायता को लागू करने के लिए प्रक्रिया तय कर ली गई है और संबंधित स्थानीय सरकारों को इसकी जानकारी भेज दी गई है।
खोज और बचाव अभियान अभी जारी
अधिकारियों के अनुसार, कई इलाकों में अब भी लोगों के फंसे होने की आशंका है। इसलिए सुरक्षा बलों और बचाव टीमों को लगातार तैनात रखा गया है।बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, दवाइयां और जरूरी सामान पहुंचाने का काम भी जारी है।
विदेशी नागरिकों की तलाश पर भी ध्यान
NDRRMA के आंकड़ों के अनुसार, लापता लोगों में 636 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। ऐसे में विदेशी नागरिकों की तलाश और उनके परिवारों तक जानकारी पहुंचाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
आपदा के बाद बड़ी चुनौती पुनर्वास
बाढ़ के बाद नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों का पुनर्वास है। हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, लेकिन उन्हें स्थायी आवास और रोजगार उपलब्ध कराना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।प्रशासन का कहना है कि राहत अभियान के साथ-साथ पुनर्वास की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
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