रियाद में बड़ा हमला या साजिश, हूती दावे के बाद मचा हड़कंप
किंग खालिद एयरपोर्ट के पास दिखा धुआं
Riyadh. रियाद। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास रविवार को अचानक काले धुएं का गुबार दिखाई देने के बाद इलाके में हलचल मच गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सऊदी गठबंधन ने दावा किया है कि हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट किया गया। घटना के बाद एयरपोर्ट क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ उड़ानों के संचालन पर भी असर पड़ा और कई उड़ानों को रद्द या प्रभावित किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, घटना से जुड़े नुकसान और हताहतों की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
सऊदी गठबंधन के अनुसार, हवाई सुरक्षा प्रणाली ने संभावित मिसाइल हमले को रोक दिया। वहीं, हूती संगठन ने भी रियाद में संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट सऊदी अरब के सबसे महत्वपूर्ण हवाई अड्डों में से एक है। ऐसे में एयरपोर्ट के आसपास किसी भी सुरक्षा घटना को गंभीरता से लिया जाता है। इस घटना के बाद मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। यमन में सक्रिय हूती विद्रोही संगठन पहले भी सऊदी अरब और क्षेत्र के अन्य देशों को निशाना बनाने का दावा कर चुका है।
तेल बाजार पर असर की आशंका
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ सकता है। सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल है। क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता से कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि खाड़ी क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। इससे ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ने की संभावना रहती है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
घटना के बाद सऊदी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। एयरपोर्ट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
सऊदी प्रशासन की ओर से अभी तक घटना को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमला किस स्तर का था और इसके पीछे की पूरी स्थिति क्या है।
मध्य पूर्व में पहले भी मिसाइल और ड्रोन हमलों को लेकर तनाव की स्थिति बनी रही है। रियाद की यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब क्षेत्रीय हालात पहले से ही संवेदनशील बने हुए हैं।