दिल्ली से चीन तक 6 साल बाद गूंजेगी फ्लाइट
दिल्ली से गुआंगझोऊ तक फिर जुड़ेगा आसमान का रास्ता
Delhi दिल्ली। भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। करीब छह साल के लंबे अंतराल के बाद दोनों देशों के बीच सीधी उड़ान सेवा फिर से शुरू होने जा रही है। चीन की प्रमुख एयरलाइन चाइना साउदर्न एयरलाइंस 21 सितंबर 2026 से दिल्ली-गुआंगझोऊ (Guangzhou) रूट पर अपनी उड़ान सेवा बहाल करेगी। कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2020 में भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवाएं बंद कर दी गई थीं। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और कूटनीतिक तनाव के कारण हवाई संपर्क सामान्य होने में लंबा समय लग गया।
दिल्ली से रात 8:20 बजे उड़ान
जानकारी के अनुसार, चाइना साउदर्न एयरलाइंस की उड़ान संख्या CZ360 दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गुआंगझोऊ के लिए रवाना होगी। फ्लाइट शेड्यूल के मुताबिक, विमान दिल्ली से रात करीब 8:20 बजे उड़ान भरेगा और अगले दिन सुबह करीब 4:15 बजे गुआंगझोऊ पहुंचेगा। इस सेवा के लिए बोइंग 737-8 (7M8) विमान का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, गुआंगझोऊ से दिल्ली आने वाली फ्लाइट को CZ359 के रूप में संचालित किया जाएगा।
यात्रियों को मिलेगा सीधा विकल्प
दिल्ली और गुआंगझोऊ के बीच सीधी उड़ान शुरू होने से यात्रियों को एक नया विकल्प मिलेगा। इससे व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और अन्य जरूरतों के लिए दोनों देशों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। कोरोना के बाद लंबे समय तक सीधी उड़ान बंद रहने से यात्रियों को अन्य रूट या कनेक्टिंग फ्लाइट का सहारा लेना पड़ता था।
चीन की तीन बड़ी एयरलाइंस की वापसी
चाइना साउदर्न एयरलाइंस से पहले चीन की दो अन्य बड़ी एयरलाइंस भी भारत के लिए उड़ान सेवा शुरू कर चुकी हैं। चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस ने शंघाई-दिल्ली रूट पर सेवा बहाल की। एयर चाइना ने बीजिंग-दिल्ली रूट पर उड़ानें दोबारा शुरू कीं। अब चाइना साउदर्न की वापसी के साथ चीन की तीन प्रमुख एयरलाइंस भारत के साथ फिर से सीधा हवाई संपर्क स्थापित करेंगी।
भारत-चीन संपर्क में बढ़ेगी कनेक्टिविटी
दिल्ली-गुआंगझोऊ एयर रूट की बहाली को दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। गुआंगझोऊ चीन का प्रमुख व्यापारिक और औद्योगिक केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में कारोबारी और अंतरराष्ट्रीय यात्री आते-जाते हैं। हालांकि उड़ानों की साप्ताहिक संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्ट्स में शुरुआत से दैनिक उड़ान की बात कही गई है, जबकि कुछ में शुरुआती चरण में सीमित उड़ानों का जिक्र किया गया है।
करीब छह साल बाद खुल रहे इस हवाई मार्ग से भारत और चीन के बीच यात्रा आसान होने की उम्मीद है।