Washington. वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान अपने रुख में बदलाव नहीं करता है तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा कि अमेरिका के पास कई विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने सैन्य कार्रवाई, आर्थिक दबाव और कूटनीतिक समाधान जैसे रास्तों का जिक्र किया। ट्रंप ने कहा कि बेहतर होगा कि ईरान बातचीत और सहयोग का रास्ता अपनाए।
ईरान को लेकर बढ़ा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से कई मुद्दों को लेकर तनाव बना हुआ है। परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और पश्चिम एशिया में सहयोगी संगठनों की गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि आने वाले समय में कुछ बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कूटनीतिक बातचीत के रास्ते खुले हुए हैं और जरूरत पड़ने पर ईरानी नेतृत्व से बातचीत की जा सकती है।
संयुक्त राष्ट्र बैठक से पहले बयान
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई लेवल वीक से पहले आया है। इस दौरान दुनिया के कई देशों के नेता न्यूयॉर्क में जुटने वाले हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर इस मंच पर चर्चा होने की संभावना है। अमेरिका लगातार क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बरत रहा है।
हूतियों को लेकर भी बोले ट्रंप
ट्रंप ने यमन के हूती संगठन को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब पर हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बाद अमेरिका हूतियों के संपर्क में है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा को देखते हुए सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। यमन में सक्रिय हूती संगठन को लेकर अमेरिका और उसके सहयोगी देश पहले भी चिंता जताते रहे हैं।
सऊदी अरब ने भी जताई चिंता
इससे पहले सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी हूती खतरे को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि यमन में कार्रवाई करते समय आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखना जरूरी है। मध्य पूर्व में ईरान, यमन और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते तनाव के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
कूटनीति और सैन्य विकल्प दोनों पर नजर
ईरान की ओर से भी बातचीत के लिए कुछ शर्तें रखे जाने की खबरें सामने आई हैं। तेहरान ने संघर्ष खत्म करने, आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और अन्य मुद्दों पर चर्चा की बात कही है। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों के साथ-साथ सुरक्षा तैयारियां भी जारी हैं। आने वाले दिनों में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठकों में पश्चिम एशिया संकट प्रमुख मुद्दा बन सकता है।
Tags: